मेरठ के ब्लू ड्रम मर्डर केस में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की कातिल पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है. बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों दोषी टूट गए और फूट-फूटकर रोने लगे. जेल सूत्रों के मुताबिक, मौत की सजा सुनाए जाने के बाद से ही दोनों ने खाना-पीना छोड़ दिया है.
सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है. साहिल को नया कैदी नंबर 395 और मुस्कान को कैदी नंबर 396 आवंटित किया गया है. दोनों को अलग-अलग हाई-सिक्योरिटी बैरकों में रखा गया है. सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मियों द्वारा उनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है. फांसी की सजा मुकर्रर होने के बाद अब दोनों की जेल की पोशाक भी बदल जाएगी. साहिल सफेद कुर्ता-पायजामा और मुस्कान क्रीम रंग की साड़ी या सूट पहनेगी.
दोनों ने कानूनी विकल्पों के बारे में पूछा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुातबिक, जेल अधिकारियों ने बताया कि फैसले के बाद दोनों दोषियों ने कानूनी विकल्पों के बारे में पूछा, जिस पर उन्हें बताया गया कि वे सेशन कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं. नियमों के मुातबिक, सेशन कोर्ट द्वारा दी गई मौत की सजा पर अमल से पहले हाई कोर्ट की मंजूरी अनिवार्य होती है.
कोर्ट में गीता और महाभारत का जिक्र
126 सुनवाइयों और 22 गवाहों के बयानों के बाद आए इस फैसले में कोर्ट ने भागवत गीता और महाभारत के प्रसंगों का जिक्र किया. अभियोजन पक्ष के वकील के मुताबिक, जज ने धर्म और न्याय की व्याख्या करते हुए कहा कि गलत काम करने वालों और अधर्मियों को कठोरतम दंड देना ही कोर्ट का परम धर्म है.
मुस्कान के अपने माता-पिता ने भी उसका साथ छोड़ दिया. परिजनों ने कोर्ट के फैसले से पहले कहा था कि उनके दामाद सौरभ बेहद भले इंसान थे और अगर उनकी बेटी को फांसी की सजा भी दी जाती है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी. मुस्कान के परिवार ने जेल में भी कभी उससे मुलाकात नहीं की.
ऐसे किया था कत्ल
यह रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्याकांड 3 मार्च 2025 को इंदिरा नगर स्थित आवास पर हुआ था. पुलिस जांच के मुताबिक, मुस्कान ने पहले पति सौरभ राजपूत के खाने में नशीला पदार्थ मिलाया. इसके बाद उसका प्रेमी साहिल शुक्ला घर पहुंचा और दोनों ने मिलकर सौरभ पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी. शव को छिपाने के लिए दोनों ने उसके टुकड़े किए. उन टुकड़ों को एक नीले रंग के बड़े प्लास्टिक ड्रम में डालकर ऊपर से रेत, पानी और सीमेंट का घोल भरकर पूरी तरह सील कर दिया.
वारदात को अंजाम देकर दोनों अगले ही दिन हिमाचल प्रदेश फरार हो गए. मुस्कान लगातार सौरभ के फोन से उसके परिवार को मैसेज भेजती रही ताकि ऐसा लगे कि सौरभ किसी बिजनेस ट्रिप पर बाहर है.
ऐसे हुआ खुलासा
सौरभ के कई दिनों तक सामने न आने पर 17 मार्च 2025 को रिश्तेदार और पुलिस घर पहुंची. सौरभ की 6 साल की मासूम बेटी ने पड़ोसियों और परिजनों को बताया कि पापा तो ड्रम के अंदर हैं. पुलिस ने जब कटर से नीले ड्रम को काटकर कंक्रीट हटाया, तो अंदर से सौरभ राजपूत के क्षत-विक्षत अवशेष बरामद हुए. इसके दो दिन बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया.