क्या है भारत की'बाज बटालियन'? बॉर्डर पर होगी तैनात, कांपेंगे चीन-पाकिस्तान

What is Indian Army Baaz Battalion: भारतीय सेना हवाई निगरानी और आधुनिक ड्रोन युद्ध तकनीक को मजबूत करने के लिए विशेष ‘बाज बटालियन’ तैयार कर रही है. पिछले दो सालों में सेना के पास ड्रोनों की संख्या कुछ सौ से बढ़कर 50,000 के पार पहुंच गई है, जो अगले 2-3 साल में दोगुनी होगी. संवेदनशील सीमाओं पर पैनी नजर रखने के लिए इस बटालियन के विशेष प्रशिक्षित जवान रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम संभालेंगे.

WHAT IS BAAZ Battalion

Photo Credit: AI

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What is Indian Army Baaz Battalion: भविष्य के युद्धों और आधुनिक तकनीकों को देखते हुए भारतीय सेना अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है. संवेदनशील सीमाओं पर हवाई निगरानी को अभेद्य बनाने और ड्रोन वॉरफेयर में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए सेना एक बेहद खास ‘बाज बटालियन’ तैयार कर रही है. यह नई बटालियन सेना की फ्रंटलाइन यूनिट्स को एडवांस टूल्स और युद्ध के मैदान की स्थिति को सटीक रूप से समझने के लिए दमदार लाइव इनपुट्स मुहैया कराएगी.

क्या है ‘बाज बटालियन’ और इसका काम?

‘बाज बटालियन’ का मुख्य काम वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और संवेदनशील सीमाओं पर हवाई निगरानी को और ज्यादा मजबूत करना है. इसके साथ ही, यह ड्रोन वॉरफेयर के लिए सेना की तैयारियों को पुख्ता करेगी और फ्रंटलाइन यूनिट्स व खुफिया सिस्टम के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगी.

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सूत्रों के मुताबिक, इस बटालियन को ‘आर्मी एविऐशन कोर’ के अंतर्गत रखा जा सकता है. इसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों की एक स्पेशल टीम होगी, जो रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) सिस्टम का संचालन और प्रबंधन करेगी. आरपीए एक तरह का मानवरहित हवाई वाहन (UAV) यानी ड्रोन होता है, जिसमें कोई पायलट नहीं बैठता, बल्कि इसे एक दूर स्थित रिमोट स्टेशन से उड़ाया और कंट्रोल किया जाता है.

युद्धों और विवादों से लिया गया अहम सबक

हाल के दिनों में हुए कई सैन्य संघर्षों में ड्रोन की भूमिका सबसे निर्णायक साबित हुई है. भारतीय सेना ने रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुए विवाद और पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अहम घटनाक्रमों से बड़े सबक लिए हैं. इन्ही अनुभवों के आधार पर ड्रोन क्षमता को बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है, ताकि भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह एडवांस और तैयार रखा जा सके.

2 से 3 साल में दोगुनी हो जाएगी ड्रोन की संख्या

निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि ‘बाज बटालियन’ मौजूदा रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) के आधार पर ही विकसित की जाएगी. किसी भी युद्ध में ड्रोन के अहम हिस्सा बनने पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले भारतीय सेना के पास केवल कुछ सौ ड्रोन थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर 50,000 के पार पहुंच गई है. सेना के मौजूदा रोडमैप और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, अगले 2 से 3 सालों में इनकी संख्या दोगुनी होने की पूरी संभावना है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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