80वें स्वतंत्रता दिवस को पूरे देश ने बड़े ही ज़ोरों-शोरों से मनाया. इस दौरान केरल के त्रिशूर से एक बड़ा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. एक स्कूल के मालिक ने उन छात्रों से पाकिस्तान चले जाने को कहा, जो आजादी दिवस के समारोह में शामिल नहीं हो पाए. उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे भारत में रहने के लायक नहीं है. स्कूल के मालिक के इस बयान से विवाद खड़ा हो गया.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, त्रिशूर के माला में मौजूद ‘डॉ. राजू डेविस इंटरनेशनल स्कूल’ में 15 अगस्त का प्रोग्राम मनाया जा रहा था, लेकिन आधे से ज्यादा पेरेंट्स ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा. जिसके बाद स्कूल के मालिक डॉ राजू डेविस ने स्कूल के व्हॉट्सग्रुप में बच्चों के अभिभावकों को खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा- ”मैं बिना आयोजन किए ये पैसा अपनी जेब में रख सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया क्योंकि मैं चाहता था कि हमारे बच्चे जानें कि देश आजादी दिवस क्यों मनाता है और इसका क्या महत्व है.” डेविस ने आगे कहा- ”आधे से ज़्यादा माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा है. मैं उन्हें कल क्लास में नहीं आने दूंगा. उन्हें मुझसे मिलकर वजह बतानी होगी. ये बहुत ही बुरी बात है. इन लोगों को पाकिस्तान जैसे किसी दूसरे देश चले जाना चाहिए. वो यहां रहने के लायक नहीं हैं.”
केरल में विरोध प्रदर्शन
त्रिशूर के स्कूल के मालिक डेविस के बयानों का केरल में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और कांग्रेस के छात्र संगठन, केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) ने विरोध किया. KSU कार्यकर्ताओं ने डॉ राजू डेविस के घर के सामने प्रदर्शन किया. नौबत ये आ गई कि उनके विरोध प्रदर्शन की वजह से सड़क पर जाम लग गया और केरल स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्ताओं को पुलिस को गिरफ्तार करके वहां से हटाना पड़ा. हंगामा बढ़ते देख डेविस ने एक ऑडियो मैसेज जारी कर अपनी टिप्पणियों के लिए सभी से माफी मांगी.