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UAE Law in Dowry Suicide Case: भारत की एक बेटी ने अपनी मासूम बेटी की हत्या करके सुसाइड कर ली। संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में घर में ही 8 जुलाई को दोनों के शव मिले। मृतकों की पहचान 32 वर्षीय विपंजिका मणि और डेढ़ साल की वैभवी के रूप में हुई। भारत में केरल पुलिस ने कोल्लम के कुंदरा थाने में मृतका की मां की शिकायत पर आरोपी पति निधिश, ननद नीथू और ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया और मीडिया को केस के बारे में बताया। भारत में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और सुसाइड को लेकर कानून हैं, लेकिन UAE में दहेज प्रताड़ना और सुसाइड को लेकर क्या कानून हैं, आइए जानते हैं…
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भारत में विपंजिका और वैभवी के खिलाफ केरल पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 85 (पत्नी या उसके रिश्तेदारों द्वारा उत्पीड़न) और धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दहेज निषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 भी FIR में जोड़ी गई है, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात में दहेज हत्या या आत्महत्या को विशेष अपराध बताने संबंधी कोई विशिष्ट कानून नहीं है।
लेकिन दहेज से संबंधित वो हरकतें, जो आत्महत्या करने का कारण बनती हैं, जैसे उत्पीड़न या हिंसा, घरेलू हिंसा और मारपीट को लेकर मौजूदा कानूनों के तहत कार्रवाई की जाती है। UAE में घरेलू हिंसा कानून है, जिसे उन मामलों में लागू किया जा सकता है, जहां दहेज की मांग करते हुए शारीरिक हिंसा की जाती है।
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UAE में आत्महत्या के लिए उकसाने संबंधी कानून बहुत कड़ा है, जो दहेज की मांग के चलते आत्महत्या होने के मामले में लागू होता है। आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया जा सकता है। आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगने पर सजा का प्रावधान UAE दंड संहिता (Federal Decree Law 2021) के तहत वर्णित है। UAE में आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) को गंभीर अपराध माना जाता है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
UAE दंड संहिता के अनुच्छेद 335 के अनुसार, अगर कोई किसी को आत्महत्या के लिए उकसाता है या ऐसे हालात बना देता है कि पीड़ित आत्महत्या कर ले तो उकसाने वाले को 7 साल की जेल की सजा हो सकती है। आत्महत्या करने वाला नाबालिग (18 वर्ष से कम) या मानसिक रूप से अक्षम है तो सजा और सख्त हो सकती है।
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UAE दंड संहिता के तहत प्रावधान है कि अगर ससुराल वालों पर बहू या दामाद को सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप साबित हो जाता है तो दहेज को लेकर बने कानूनों के तहत मिलाकर सजा दी जा सकती है, लेकिन पीड़ित पक्ष को साबित करना होगा कि ससुरालियों ने सुसाइड के लिए उकसाने के इरादे से प्रताड़ित किया या दबाव डाला है। UAE में किसी भी अपराध में सजा देने में सबूत काफी अहम भूमिका निभाते हैं।
सुसाइड नोट, गवाहों के बयान, मैसेज, कॉल रिकॉर्ड आदि काफी अहम साबित हो सकते हैं। UAE में विशेष मामलों में कार्रवाई और सजा शरिया सिद्धांतों और सिविल लॉ दोनों के अनुसार प्रभावित हो सकती है। अगर परिवार आपसी समझौते करके जैसे ब्लड मनी या मुआवजा ले-दे कर केस निपटा लेते हैं तो सजा कम हो जाती है या माफी मिल सकती है। कुल मिलाकर UAE में सुसाइड के लिए उकसाना बड़ा अपराध है, चाहे दहेज मामला हो या कोई और।
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