किसानों का आज दिल्ली कूच का ऐलान, पंजाब-हरियाणा खनौरी बॉर्डर सील, 5 लेयर बैरिकेडिंग, जानें क्या चाहते हैं किसान?
Farmers Delhi March: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील के खिलाफ दिल्ली मार्च का ऐलान किया था जिसको लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है. पंजाब-हरियाणा खनौरी बॉर्डर को 5 लेयर बैरिकेडिंग के जरिए सील कर दिया गया है.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Aug 16, 2026 11:50
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Aug 16, 2026 11:50
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पंजाब-हरियाणा खनौरी बॉर्डर सील (Photo-ANI)
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Haryana Punjab Khanauri Border Sealed: हरियाणा में अधिकारियों ने 16 अगस्त को किसानों के दिल्ली मार्च से पहले हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है. जींद प्रशासन ने शुक्रवार देर रात खनौरी बॉर्डर को सील कर दिया और प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स की पांच परतें लगा दीं. इस विरोध प्रदर्शन का ऐलान संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील के खिलाफ है. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा है कि संगठन 16 अगस्त को 228 किलोमीटर लंबी ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ शुरू करेगा.
29 अगस्त को दिल्ली पहुंचने की कोशिश
किसान संगठनों के मुताबिक ये मार्च दाता सिंहवाला गांव से शुरू होगा और 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने का कार्यक्रम है. प्रशासन और पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ट्रैफिक को संभालने के लिए रास्ते में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है. पदयात्रा शुरू होने से पहले, दाता सिंहवाला में प्रार्थना सभा और जनसभा होगी. जुलूस के दोपहर 3 बजे के आसपास शुरू होने की उम्मीद है. इसके बाद आंदोलनकारियों का उझाना गांव के मेन मार्केट एरिया में स्वागत किया जाएगा और फिर वे रात के लिए बेलरखा में रुकेंगे.
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#WATCH | Following the farmers' call to march to Delhi, the Haryana Police have blocked the road leading to Delhi at the Khanauri border (Punjab-Haryana). pic.twitter.com/kXz32Gq37W
खनौरी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और कुछ रास्तों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है क्योंकि अधिकारी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए तैयारी कर रहे हैं. किसानों के ग्रुप्स का कहना है कि मार्च शांतिपूर्ण रहेगा. खबरों के मुताबिक करीब 51 किसान पूरा रास्ता पैदल तय करेंगे, जबकि रास्ते में कई दूसरे किसान और स्वयंसेवक उनका समर्थन करेंगे.
प्रदर्शनकारी किसानों की क्या है मांगें?
ये पदयात्रा खेती से जुड़ी कई पुरानी मांगों से जुड़ी है, जिनमें एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्ज माफी और किसानों के कल्याण से जुड़े कई दूसरे उपाय शामिल हैं. प्रशासन ज्यादा सावधानी बरत रहा है क्योंकि इससे पहले हांसी में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था, जिसमें कथित तौर पर पथराव के कारण एसपी और डीएसपी घायल हो गए थे.