नीट पेपर लीक मामले को लेकर इस हफ्ते का दूसरे दिन भी बवाल जारी रहा. जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और देश की जनता विरोध प्रदर्शन कर रही थी, तो दूसरी ओर पीएम आवास के पास कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धरने पर बैठे थे. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत तमाम कांग्रेस नेता कल जंतर- मंतर पर स्टूडेंट्स पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विरोध जता रहे थे. उन्होंने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की. कुछ घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंता गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. कांग्रेस ने अपना धरना खत्म करने के लिए सरकार के सामने 5 शर्तें रखीं.

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कांग्रेस की शर्तें

-शिक्षा मंत्री को हटाया जाए
-छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर गृह मंत्री बयान दें
-छात्रों के मार्च पर दिल्ली पुलिस की बर्बरता की जांच हो
-आत्महत्या करने वाले छात्रों को मुआवज़ा दिया जाए
-पेपर लीक और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कार्रवाई को लेकर दोनों सदनों में चर्चा हो

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अखिलेश यादव समेत कई नेता हुए थे शामिल

हालांकि कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर जाकर कॉकरोच जनता पार्टी के साथ प्रदर्शन नहीं किया. 20 जुलाई को भी वो 'चलो संसद' मुहिम में शामिल नहीं हुए. आज के प्रदर्शन के लिए कांग्रेस के पीएम आवास को चुना. कांग्रेस के समर्थन में कई पार्टियों के नेता उतरे. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले, AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल कई नेता कांग्रेस का साथ देने के लिए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. पुलिस ने राहुल गांधी और बाकी कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया. पुलिस राहुल गांधी समेत कई नेताओं को बस में भरकर अपने साथ छत्रसाल स्टेडियम ले गई.

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