धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया, जिसके कुछ देर बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान किया. CJP प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ये घोषणा की. उन्होंने कहा- "कॉकरोच पीपल्स पार्टी ये ऐलान करती है कि हम अच्छे विश्वास के साथ अपना आंदोलन वापस ले रहे हैंऔर हमें भरोसा है कि तय की गई शर्तें तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएंगी."

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जेपी नड्डा ने क्या कहा?

कॉकरोच जनता पार्टी के डेलीगेशन से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा-"आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वो एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने 4 मांगें रखी थीं रखे थे. इसके साथ ही, हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की- कोई बदले की कार्रवाई ना की जाए, मुआवजा दिया जाए और उनके 5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए. हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी. दूसरी बात मुआवजे के बारे में है, सरकार ने साफ कहा है कि हमें भी सहानुभूति है. हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा होगा, जो भी ज़्यादा से ज़्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा."

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CJP ने लोगों से की अपील

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं की खुशी का ठिकाना नहीं है. सभी मिलकर जंतर-मंतर पर जश्न मना रहे हैं. किसी के हाथों में तिरंगा है तो कोई नाचकर अपनी खुशी ज़ाहिर कर रहा है. लोग 'भारत माता की जय' के नारे लगा रहे हैं. वहीं, सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना आंदोलन वापस लेते हुए प्रदर्शनकारियों से अपने-अपने घर लौटने की अपील की है. एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने भी देश के युवाओं और कॉकरोच जनता पार्टी को जीत की बधाई दी.

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सोनम वांगचुक ने क्या कहा?

वांगचुक ने कहा- " जो कदम सरकार ने और धर्मेंद्र प्रधान ने उठाया है, मैं उसका स्वागत करता हूं और सम्मान करता हूं. मैं सभी देशवासियों को बधाई देता हूं. ये लोकतंत्र की जीत है. आगे भी हम लोकतंत्र को भारत में सुरक्षित रखेंगे. देश की युवा पीढ़ी को मैं बधाई देना चाहता हूं और CJP के भाई-बहनों को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने ये मुद्दा सबसे पहले उठाया. जो छात्र-युवक और बुजुर्ग लोकतंत्र के लिए खड़े हुए, मैं उन सबका सम्मान करता हूं. सबसे बड़ी बात जैसे इन लोगों ने शांति को प्रदर्शन स्थल पर बनाए रखा. मुझे उम्मीद है कि आगे भी इस शांति व्यवस्था को बनाए रखा जाएगा और आगे कोई घटना नहीं होगी. शांति की जो ताकत हमने दिखाई है, उसके मुकाबले कोई हथियार नहीं है. शिक्षा में सुधार होगा, आगे भी इस पर काम होगा. मेरी आशा है कि एक नए भारत की शुरूआत होगी. मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार इस बदलाव के साथ बहुत से बदलाव लाएगी.''

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