---विज्ञापन---

देश angle-right

उमर अब्दुल्ला और पायल के तलाक पर SC ले लगाई मुहर, 17 साल से अलग रह रही थीं पत्नी

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और 17 साल से उनकी अलग रह रही पत्नी पायल अब्दुल्ला के बीच चल रहे तलाक के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी है. मध्यस्थता के जरिए दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सभी विवाद खत्म करने का फैसला किया. शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत तलाक को मंजूरी दी.

---विज्ञापन---

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता उमर अब्दुल्ला को उनकी पत्नी पायल नाथ (अब्दुल्ला) से तलाक की मंजूरी दे दी है. शीर्ष अदालत ने माना कि दोनों के बीच शादी पूरी तरह से टूट चुकी है और 2009 से दोनों अलग रह रहे हैं. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों के बीच आपसी सहमति से हुए समझौते को दर्ज करते हुए तलाक को औपचारिक मंजूरी दे दी. इसके साथ ही दोनों के बीच का लगभग 30 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता अब कानूनी तौर पर समाप्त हो गया है.

तस्लीमा नसरीन 19 साल बाद कोलकाता लौटीं, क्यों शहर छोड़ने को किया था मजबूर?

---विज्ञापन---

‘दोनों ने आजादी को अपनाया’

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को सूचित किया कि दोनों पक्षों ने मध्यस्थता के जरिए अपने सभी मतभेदों को सुलझा लिया है. सिब्बल ने अदालत से कहा, दोनों ने आजादी को अपना लिया है. सब कुछ तय हो गया है. अदालत तलाक की मंजूरी दे सकती है और दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी अन्य मामले वापस ले लेंगे.

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने इस समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले का निपटारा कर दिया. पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है और वे इन्हीं शर्तों पर याचिका का निपटारा कर रहे हैं.

---विज्ञापन---

1994 में हुई थी शादी, 2009 से रह रहे थे अलग

उमर अब्दुल्ला और पायल का विवाह 1 सितंबर 1994 को हुआ था. हालांकि, दोनों साल 2009 से ही एक-दूसरे से अलग रह रहे थे. उनके दो बेटे हैं. उमर अब्दुल्ला ने पहले दिल्ली की फैमिली कोर्ट में क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक की याचिका दायर की थी, जिसे 2016 में खारिज कर दिया गया था. इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी दिसंबर 2023 में फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और माना कि उमर ‘क्रूरता’ का आरोप साबित करने में विफल रहे हैं.

अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल

हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के लिए मेडिएशन सेंटर भेजा था. समझौते के बाद दोनों पक्षों ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत संयुक्त आवेदन देकर तलाक की मांग की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार कर लिया.

---विज्ञापन---

क्या शहजाद पूनावाला छोड़ रहे हैं राजनीति? X बायो से हटाया ‘BJP प्रवक्ता’ का पद

First published on: Jul 31, 2026 02:50 PM

End of Article

About the Author

Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola