BJP-RSS करती है छुआछूत, दशकों से दलितों के साथ हो रहा भेदभाव : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने छुआछूत के मुद्दे पर बीजेपी और आरएसएस का विरोध किया है, उनका कहना है कि जब कांग्रेस के कोई दलित नेता मंदिर जाते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता बाद में वहां 'शुद्धिकरण' की रस्म निभाते हैं, जो संविधान के खिलाफ है.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Aug 29, 2026 13:40
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Aug 29, 2026 13:40
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राहुल गांधी (Photo-ANI)
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Rahul Gandhi On Untouchability: लोकसभा में विपक्ष के नेता बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ जुबानी हमला बोला है. उनका मानना है कि मौजूदा सत्ताधारी दल की विचारधारा दलितों और पिछड़ों के खिलाफ है. जब कांग्रेस के दलित नेता किसी मंदिर में जाते हैं, तब भारतीय जनता पार्टी के लोग उस धर्मस्थल का शुद्धिकरण’ कराते हैं. ये तरीका संविधान के खिलाफ है, और इसके लिए एफआईआर होनी चाहिए.
‘शुद्धिकरण’ के खिलाफ राहुल ने खोला मोर्चा
राहुल गांधी ने कहा, ‘राजस्थान में हमारे CLP नेता एक मंदिर जाते हैं, और BJP नेता ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष खरगे जी, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश और संविधान को समर्पित कर दिया है, वो हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण देने जाते हैं, और वहां भी शुद्धिकरण की रस्म की जाती है. ऐसा कौन करता है? ये BJP और RSS के लोग हैं. सिर्फ BJP और RSS के सदस्य ही ऐसा करते हैं, और ये एक अपराध है. भारत के संविधान के तहत ये एक अपराध है, एक आपराधिक गतिविधि है. ‘शुद्धिकरण’ असल में छुआछूत का ही दूसरा नाम है. छुआछूत को गैर-कानूनी घोषित किया गया था, फिर भी BJP के सदस्य खुलेआम इसे मानते हैं. जब वे ये शुद्धिकरण करते हैं, तो वो असल में यह कह रहे होते हैं कि दलितों को छूना नहीं चाहिए, दलित अशुद्ध हैं, और भारतीय संविधान के तहत ये एक अपराध है.’
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#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "…Our CLP leader in Rajasthan visits a temple, and BJP leaders perform a 'purification' ritual. Congress President Kharge ji, who has dedicated his entire life to the country and the Constitution, goes to the Ramlila Ground in… pic.twitter.com/2EN4llPGiK
राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘ये काम SC/ST एक्ट का उल्लंघन है. ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाना एक अपराध है. फिर भी, कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इसलिए, हम मांग करते हैं कि उत्तराखंड में जिन्होंने ये शुद्धिकरण की रस्म निभाई गई, उनके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए. पीएम दावा करते हैं कि वो हर जाति से ताल्लुक रखते हैं और पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं. फिर भी, उनकी पार्टी के चीफ कहते हैं कि शुद्धिकरण सही था. हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री तुरंत इन लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दें. राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों का ये कर्तव्य है कि वो सुनिश्चित करें कि उत्तराखंड में खरगे जी को न्याय मिले.’
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "This act violates the SC/ST Act. Performing a 'purification' ritual is a crime. Yet, no action has been taken. Therefore, we demand that an FIR be registered immediately against those who carried out this purification ritual in… https://t.co/4auudCygHppic.twitter.com/OH3VWpES0P
राहुल गांधी ने कहा, ‘देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है. एक तरफ भारत का संविधान है- अंबेडकर, गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल का संविधान. दूसरी तरफ बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा है. भारत में अभी जो राजनीति हो रही है, वो इन्हीं 2 विचारधाराओं के बीच है. हजारों सालों से इस देश में दलितों पर अत्याचार और हिंसा होती रही है. संविधान ने इसे गैर-कानूनी बना दिया, फिर भी आज स्कूलों में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ करवाए जाते हैं और फर्श पर झाड़ू-पोछा लगवाया जाता है. जरा सोचिए कि आने वाली पीढ़ी के दिमाग़ पर इसका क्या असर पड़ता है: बच्चे अपने कुछ साथियों को झाड़ू लगाते हुए देखते हैं, जबकि झाड़ू लगाने वाले उन साथियों को देखते हैं जिन्हें ऐसा नहीं करना पड़ता. यही भारत की सच्चाई है. दलितों को गांव के कुएं से पानी पीने की इजाजत नहीं है; उन्हें अपने निजी कुएं खोदने पड़े क्योंकि उन्हें गांव के आम कुएं का इस्तेमाल करने से रोका गया था. चाय की दुकानों पर आप दो तरह के कप देखते हैं: एक दोबारा इस्तेमाल होने वाला कांच का कप जिसे धोया जा सकता है, और दूसरा पेपर या प्लास्टिक का कप जिसे इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता है. प्लास्टिक या पेपर के कप दलितों के लिए होते हैं, जबकि कांच के कप दूसरों के लिए. यही भारत की सच्चाई है. यही उत्तर प्रदेश की सच्चाई है.’
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#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "A fight is underway in the country between two ideologies. On one side is the Constitution of India, the Constitution of Ambedkar, Gandhi, Jawaharlal Nehru, and Sardar Patel. On the other is the ideology of the BJP and RSS. The… pic.twitter.com/iaazolsl2M
बीजेपी की नई टीम को लेकर राहुल ने कहा, ‘मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. मेरे लिए बीजेपी का नया संगठन और पुराना संगठन एक ही है. इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. वो जिसे चाहें उसे ला सकते हैं; इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता. हमारी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है, संविधान को बचाने की लड़ाई है. इसलिए उन्हें जो करना है करने दें. हमें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है.’
#WATCH | Delhi: On the new organisational structure of the BJP, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "I am not interested. To me, the BJP's new organisation and the old one are the same. It makes no difference to me. They can bring in whomever they wish; it doesn't matter to us. Our… pic.twitter.com/9CnKVI8yAp