राहुल गांधी ने DU की छात्राओं के साथ शेयर किया वीडियो, ‘महिला आरक्षण बिल’ पर क्या बोलीं?
Rahul Gandhi Delhi University: राहुल गांधी और दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्राओं के बीच हुई बेबाक चर्चा; जानें क्यों इन छात्राओं ने महिला आरक्षण बिल को 'पावर गेम' बताया और पितृसत्ता वाली राजनीति को सिरे से नकार दिया. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
Edited By : Vijay Jain|Updated: Apr 26, 2026 19:10
Share :
---विज्ञापन---
Rahul Gandhi Delhi University: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज की छात्राओं से मुलाकात की और उनके साथ देश के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इस बातचीत के दौरान देश की 'Gen Z' छात्राओं ने राजनीति और महिला अधिकारों पर ऐसी बेबाक राय रखी, जिसने सबको हैरान कर दिया. राहुल गांधी ने इस मुलाकात का अनुभव साझा करते हुए छात्राओं की स्पष्ट सोच और उनके आत्मविश्वास की जमकर तारीफ की.इस मुलाकात का एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि 'Gen Z' की इन छात्राओं की सोच कितनी स्पष्ट और बेबाक है.
https://www.youtube.com/watch?v=sI0NtvLJoM0
महिला आरक्षण बिल पर चौंकाने वाला नजरिया
बातचीत के दौरान जब चर्चा 'महिला आरक्षण बिल' पर मुड़ी, तो छात्राओं ने इसे केवल महिला सशक्तिकरण का जरिया मानने से इनकार कर दिया. उनका मानना था कि यह बिल महिलाओं को ताकत देने के बजाय 'डीलिमिटेशन' (परिसीमन) के जरिए सत्ता के समीकरण बदलने का एक तरीका ज्यादा नजर आता है. छात्राओं ने साफ किया कि वे प्रतीकात्मक फैसलों के बजाय ठोस जमीनी बदलाव चाहती हैं.
पितृसत्ता और नफरत की राजनीति को 'ना'
राहुल गांधी के साथ हुई इस बातचीत में इन छात्राओं ने बिना किसी डर के कहा कि वे हिंसा, नफरत और पितृसत्ता वाली राजनीति को पूरी तरह खारिज करती हैं. उनके लिए राजनीति का असली मकसद समाज का बंटवारा करना नहीं, बल्कि एकता, समानता और सम्मान (Unity, Equality and Respect) स्थापित करना है. राहुल गांधी ने उनकी इस 'क्लियर थिंकिंग' को देश के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया.
क्या चाहती हैं आज की महिलाएं?
बातचीत के दौरान यह साफ हुआ कि आज की युवा महिलाओं को केवल वादे नहीं, बल्कि सुरक्षा, बेहतर अवसर और हर क्षेत्र में बराबर की भागीदारी चाहिए. यह सत्र काफी मजेदार और प्रेरणादायक रहा, जिसमें छात्राओं ने अपने निजी अनुभव और अपनी सीख भी राहुल गांधी के साथ साझा की. राहुल गांधी ने छात्राओं के आत्मविश्वास और उनके विचारों को रखने के तरीके की जमकर तारीफ की. यह पूरी मुलाकात काफी अनौपचारिक और मजेदार रही, जिसमें छात्राओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव और सीख भी साझा की. राहुल गांधी ने निष्कर्ष निकाला कि भारत का भविष्य इन सशक्त और जागरूक हाथों में सुरक्षित है.
Rahul Gandhi Delhi University: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज की छात्राओं से मुलाकात की और उनके साथ देश के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इस बातचीत के दौरान देश की ‘Gen Z’ छात्राओं ने राजनीति और महिला अधिकारों पर ऐसी बेबाक राय रखी, जिसने सबको हैरान कर दिया. राहुल गांधी ने इस मुलाकात का अनुभव साझा करते हुए छात्राओं की स्पष्ट सोच और उनके आत्मविश्वास की जमकर तारीफ की.इस मुलाकात का एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि ‘Gen Z’ की इन छात्राओं की सोच कितनी स्पष्ट और बेबाक है.
महिला आरक्षण बिल पर चौंकाने वाला नजरिया
बातचीत के दौरान जब चर्चा ‘महिला आरक्षण बिल’ पर मुड़ी, तो छात्राओं ने इसे केवल महिला सशक्तिकरण का जरिया मानने से इनकार कर दिया. उनका मानना था कि यह बिल महिलाओं को ताकत देने के बजाय ‘डीलिमिटेशन’ (परिसीमन) के जरिए सत्ता के समीकरण बदलने का एक तरीका ज्यादा नजर आता है. छात्राओं ने साफ किया कि वे प्रतीकात्मक फैसलों के बजाय ठोस जमीनी बदलाव चाहती हैं.
---विज्ञापन---
पितृसत्ता और नफरत की राजनीति को ‘ना’
राहुल गांधी के साथ हुई इस बातचीत में इन छात्राओं ने बिना किसी डर के कहा कि वे हिंसा, नफरत और पितृसत्ता वाली राजनीति को पूरी तरह खारिज करती हैं. उनके लिए राजनीति का असली मकसद समाज का बंटवारा करना नहीं, बल्कि एकता, समानता और सम्मान (Unity, Equality and Respect) स्थापित करना है. राहुल गांधी ने उनकी इस ‘क्लियर थिंकिंग’ को देश के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया.
क्या चाहती हैं आज की महिलाएं?
बातचीत के दौरान यह साफ हुआ कि आज की युवा महिलाओं को केवल वादे नहीं, बल्कि सुरक्षा, बेहतर अवसर और हर क्षेत्र में बराबर की भागीदारी चाहिए. यह सत्र काफी मजेदार और प्रेरणादायक रहा, जिसमें छात्राओं ने अपने निजी अनुभव और अपनी सीख भी राहुल गांधी के साथ साझा की. राहुल गांधी ने छात्राओं के आत्मविश्वास और उनके विचारों को रखने के तरीके की जमकर तारीफ की. यह पूरी मुलाकात काफी अनौपचारिक और मजेदार रही, जिसमें छात्राओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभव और सीख भी साझा की. राहुल गांधी ने निष्कर्ष निकाला कि भारत का भविष्य इन सशक्त और जागरूक हाथों में सुरक्षित है.