Petrol Diesel LPG Crisis: पेट्रोल-डीजल और LPG संकट फिर गहराएगा? US-ईरान शांति समझौता खत्म, मिडिल ईस्ट में छिड़ा 'महायुद्ध'

अमेरिका-ईरान में फिर जंग छिड़ गई और इस जंग का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ता है। फरवरी में हमले शुरू होने के बाद देश में कुकिंग गैस का संकट गहरा गया था। इस बार फिर देश को कच्चे तेल के साथ-साथ LPG-LNG की कमी का संकट झेलन पड़ सकता है।

Petrol Diesel LPG Crisis

देश पर फिर ईंधन के संकट का खतरा मंडराने लगा है। Credit: AI

मिडिल ईस्ट में तनाव फिर चरम पर है और अमेरिका-ईरान फिर से एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के साथ शांति समझौता और सीजफायर तोड़ दिया है। ताजा विवाद होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए रास्ते को लेकर है। ऐसे में अगर होर्मुज स्ट्रेट अब ब्लॉक हो गई तो देश में LPG-LNG का संकट फिर गहरा जाएगा। गैस के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल भी महंगा हो सकता है। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच भारत कच्चा तेल तो अमेरिका और रूस से खरीद लेगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि LPG-LNG कहां से खरीदेगा?

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कच्चे तेल के दाम बढ़े तो महंगी होंगी चारों चीजें

बता दें कि देश की सरकारी तेल कंपनियां (IOCL, HPCL, BPCL) पेट्रोल-डीजल और LPG-LNG के रेट तय करती हैं। चारों चीजों के रेट पर वैश्विक बाजार में उथल-पुथल का असर पड़ता है। क्योंकि चारों चीजें कच्चे तेल से बनती हैं, इसलिए अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ता है तो देश में पेट्रोल-डीजल और LPG-LNG की सप्लाई और रेट बाधित होते हैं। अब मिडिल ईस्ट में तनाव गहराया और कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो भारत सरकार को मजबूरन पेट्रोल-डीजल और LPG-LNG की भी कीमतें बढ़ानी पड़ सकती ती हैं।

30 दिन के सीजफायर में 50 जहाज लौट आए

बता दें कि मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने से पहले भारत होर्मुज स्ट्रेट के जरिए अरब देशों से भारत 40 प्रतिशत कच्चा तेल, 60 प्रतिशत LNG और 90 प्रतिशत LPG का आयात करता है, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद सप्लाई और खरीद में गिरावट आई। 28 फरवरी के बाद से 8 जुलाई तक होर्मुज स्ट्रेट से भारत करीब 50 जहाज आए। क्योंकि भारतीय खरीदारों ने गल्फ देशों0 के सप्लॉयर्स से कच्चा तेल, LPG और LNG खरीदना शुरू नहीं किया है। ऐसे में जो खेप होर्मुज से आ रही हैं, वे पहले से वहां फंसी हुई थी। वहीं अब जहाजों का होर्मुज में भेजना जान खतरे में डालने के बराबर है।

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भारत ने अमेरिका से मंगवाई LPG और LNG

बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच 8 जून को सीजफायर के बाद भारत ने अमेरिका से 9 लाख टन LNG मंगवाई। 6.3 लाख टन LPG भी भारत ने अमेरिका से मंगवाई। भारत ने अमेरिका से सालाना 22 लाख टन LPG आयात बढ़ाने की रणनीति बनाई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव गहराने से भारत पर असर पड़ेगा। क्योंकि LPG-LNG और पेट्रोल-डीजल के लिए कच्चे तेल पर निर्भरता ज्यादा है। अगर होर्मुज बंद हो गई और कच्चे तेल के रेट फिर से 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचे तो भारत का खर्चा बढ़ेगा, जिसका बोझ देशवासियों को उठाना पड़ेगा।

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सीजफायर के बाद न तेल मंगवाया न ही LNG

बता दें कि अमेरिका और ईरान में सीजफायर के बाद भारत ने ईरान से न कच्चा तेल मंगवाया और न हीं LNG मंगवाई। बल्कि भारत ने रूस पर निर्भरता बढ़ाई। 28 फरवरी के बाद से अब तक भारत ने रूस से रिकॉर्ड 27 लाख बैरल प्रति दिन कच्चे तेल का आयात किया है। बेशक अमेरिका ने ईरान से तेल खरीद के लिए 60 दिन की छूट दी थी, लेकिन भारत ने अपनी रिफाइनरियों ने सुरक्षा के लिए और अनिश्चितता को देखते हुए ईरान से कच्चा तेल नहीं खरीदा। ईरान से LNG के आयात के लिए टर्मिनल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, वहीं LNG पाइपलाइन का प्रस्ताव दशकों से ठंडे बस्ते में हैं।

सीजफायर के बाद ईरान से LPG मंगवाई

बता दें कि युद्ध के दौरान और सीजफायर के बाद भारत ने ईरान से 1.45 लाख टन LPG मंगवाई। इसके साथ भारत कई साल बाद ईरान के लिए LPG का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना। अमेरिका ने ईरान से गैस खरीदने के लिए देशों को छूट दी तो भारत गैस खरीद पाया। वहीं सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट ओपन हुई तो युद्ध के कारण वहां फंसे LPG से भरे जहाज सुरक्षित भारत पहुंचे। लेकिन अब क्योंकि फिर से होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक होने का खतरा है तो भारत को अपने देश में ही गैस का उत्पादन बढ़ाना होगा, नहीं तो सरकार के साथ-साथ देश की जनता को भी नुकसान उठाना पड़ेगा।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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