अब दागी और कामचोर सरकारी कर्मियों की खैर नहीं! PM मोदी का केंद्रीय सच‍िवों को बड़ा आदेश

Tainted And Non-Performering Employees Evaluation: प्रधानमंत्री मोदी ने नॉन-परफॉर्मर और भ्रष्ट कर्मचारियों को रिटायर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों और सचिवों से बातचीत करके उन्हें सख्त हिदायत दी और जन शिकायतों का निपटारा करने को कहा।

Retirement Age

विज्ञापन

PM Modi Order For Union Secretaries: अब देशभर के दागी और कामचोर सरकारी कर्मचारियों की खैर नहीं होगी। जी हां, प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय सचिवों से कहा है कि दागियों और अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाओ। प्रधानमंत्री मोदी ने नॉन-परफॉर्मर और भ्रष्ट कर्मचारियों को रिटायर करने के निर्देश दिए।

उन्होंने CCS (पेंशन) नियमों का हवाला देते हुए केंद्रीय सचिवों को कर्मचारियों का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। उन्होंने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भाजपा की चुनावी सफलता का हवाला देते हुए कर्मचारियों के खिलाफ आई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उचित समाधान करने को कहा, ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया को पारदर्शी और बेहतर बनाया जा सके।

Advertisment

3 महीने का नोटिस या 3 महीने का वेतन-भत्ते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय सचिवों को नियमों के अनुसार, कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने को कहा, क्योंकि CCS (पेंशन) नियम सरकार को सार्वजनिक हित में किसी भी कर्मचारी को रिटायर करने का पूर्ण अधिकार देता है। सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी केंद्रीय मंत्रियों और सचिवों के साथ बातचीत की।

बातचीत में उन्होंने CCS (पेंशन) नियमों के मौलिक नियम 56 (J) का उल्लेख किया, जिसके अनुसार अगर सरकारी कर्मचारी सेवा में बने रहने के अयोग्य है तो उसे रिटायर किया जा सकता है। इस तरह की रिटायरमेंट के मामले में सरकार को 3 महीने का नोटिस देना होगा या 3 महीने का वेतन और भत्ते देकर रिटायर कर सकते हैं।

विज्ञापन

रिटायर किए गए कर्मचारी जा सकते हैं कोर्ट

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, CCS (पेंशन) नियम के अनुसार, 55 साल की पूरी कर चुके कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। नियम 48 के अनुसार, किसी सरकारी कर्मचारी की 30 वर्ष की सेवा पूरी हो चुकी है तो उसे किसी भी समय नियोक्ता द्वारा सार्वजनिक हित में रिटायर किया जा सकता है।

विज्ञापन

वहीं रिटायर किए गए अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का मौका भी मिलेगा। वे रिटायरमेंट के आदेश को अदालतों में चुनौती भी दे सकते हैं। बता दें कि सरकारी विभाग CCS (पेंशन) के नियमों का इस्तेमाल करते हुए अब तक 500 से अधिक सरकारी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से रिटायरमेंट दे चुके हैं।

विज्ञापन

एक से दूसरी डेस्क पर फाइलें न धकेलें

सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों और सचिवों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अच्छे प्रशासन और विकास कार्यों को लोगों द्वारा पुरस्कृत किया जाता है। हरियाणा में भाजपा की हैट्रिक और जम्मू-कश्मीर में अच्छा प्रदर्शन इसका उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों और मंत्रियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वे फाइलों को एक डेस्क से दूसरी डेस्क पर धकेलने की बजाय सार्वजनिक शिकायतों का व्यापक और शीघ्रता से समाधान किया जाए।

उन्होंने सचिवों से शिकायतों का समाधान करने के लिए हर सप्ताह एक दिन का समय निकालने और राज्य मंत्रियों से उनकी निगरानी करने को भी कहा। PM मोदी ने उल्लेख किया कि कैसे पिछले 10 साल में PMO को लोगों की शिकायतों सहित 4.5 करोड़ लेटर मिले, जबकि मनमोहन सिंह के कार्यालय में पिछले 5 साल के दौरान केवल 5 लाख लेटर मिले।

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ