'मैं नहीं मारता तो वो मेरे टुकड़े कर देती'; महालक्ष्मी मर्डर केस में आरोपी के रौंगटे खड़े करने वाले खुलासे

Bengaluru Murder Case: महालक्ष्मी मर्डर केस में हत्यारोपी मुक्ति रंजन के सुसाइड नोट से पुलिस को यह पता चल गया है कि हत्या क्यों की गई? आरोपी ने सुसाइड करने से पहले लिखे नोट में महालक्ष्मी क इरादों के बारे में लिखा और अपनी आपबीती भी लिखी।

Nepal Girl Mahalakshmi Murder

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Mahalakshmi Murder Case Latest Update: बेंगलुरु शहर के व्यालिकल इलाके में गत 2 सितंबर को हुए महालक्ष्मी हत्याकांड में एक बार फिर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्यारोपी मुक्ति रंजन रॉय के सुसाइड नोट के कुछ अंश पुलिस ने मीडिया कर्मियों से शेयर किए हैं। बेंगलुरु पुलिस के कमिश्नर बी दयानंद ने बताया कि है कि केस में चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी।

ओडिशा पुलिस ने मुक्ति रंजन के सुसाइड नोट को ट्रांसलेट करके बेंगलुरु पुलिस को दे दिया है और मुक्ति रंजन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। मुक्ति रंजन ने जिस हथियार से महालक्ष्मी की लाश के टुकड़े किए थे, वह अभी तक हाथ नहीं लगा है, लेकिन व्यालिकल इलाके में ही छोटी-सी दुकान चलाने वाली उस महिला ने मुक्ति रंजन को पहचान लिया है, जिससे उसने कटर खरीदा था। मुक्ति रंजन ने सुसाइड नोट में महालक्ष्मी को मारने की वजह भी लिखी है। उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसने क्यों इतना क्रूर अपराध किया?

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सुसाइड नोट में किए गए यह सभी दावे

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुसाइड नोट में दावा किया गया है कि महालक्ष्मी मुक्ति रंजन की हत्या करना चाहती थी। उसने लाश को ठिकाने के लिए काले रंग का सूटकेस भी खरीदा है। बता दें कि पुलिस को वारदातस्थल की तलाशी के दौरान एक सूटकेस मिला भी है, जो बिल्कुल नया और काले रंग का ही है। सुसाइड नोट में लिखा है कि महालक्ष्मी मुक्ति रंजन को मारकर लाश के टुकड़े करके सूटकेस में भरकर ठिकाने लगा देती।

इसलिए अगर मुक्ति रंजन उसे नहीं मारता तो वह उसे मारकर ठिकाने लगा चुकी होती। मुक्ति ने महालक्ष्मी को अपने बचाव में मारा, क्योंकि महालक्ष्मी के इरादों की भनक उसे लग गई थी। महालक्ष्मी मुक्ति पर शादी करने का दबाव बनाने लगी थी। उससे पैसे और गहने मांगती थी। जब वह उसकी मांग पूरी नहीं कर पाता था तो वह उसे झगड़ा और मारपीट करती थी, लेकिन अपनी जान बचाने के लिए उसे महालक्ष्मी को मार दिया और उसे हत्या करके दुख हो रहा था, इसलिए उसने पछतावे में सुसाइड कर लिया।

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21 सितंबर को हुआ वारदात का खुलासा

बता दें कि बेंगलुरु के एक मॉल में काम करने वाले मुक्ति रंजन और महालक्ष्मी के बीच प्रेम संबंध थे। महालक्ष्मी अपने पति और बेटी से अलग रहती थी। एक सितंबर को दोनों गायब हो गए थे। इसके बाद 21 सितंबर को मकान से दुर्गंध आने पर महालक्ष्मी की हत्या होने और उसकी लाश के टुकड़े किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस को महालक्ष्मी के शरीर के कटे हुए टुकड़े फ्रिज में और कमरे में बिखरे मिले।

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पुलिस पूछताछ करती हुई मॉल पहुंची तो मुक्ति रंजन का पता चला। पुलिस उसे डिटेन करने के लिए ओडिशा के भद्रक शहर में पहुंची तो वह अपने पैतृक गांव में पेड़ से फंदे पर लटका मिला। उसने सुसाइड नोट में अपना गुनाह कबूल किया हुआ था। सुसाइड नोट में उसने 2-3 सितंबर की रात को गला घोंटकर महालक्ष्मी की हत्या करने की बात कबूल की थी। साथ ही उसने यह भी माना कि उसने कटर खरीदा, लाश के टुकड़े किए और फ्रिज में भर दिए। वारदात अंजाम देने के बाद वह अपने भाई के ओडिशा भाग गया।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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