---विज्ञापन---

देश angle-right

शिक्षामंत्री के इस्तीफे के बाद NTA का बड़ा एक्शन, NEET Exam की सुरक्षा के लिए निकाला साढ़े 7 करोड़ का टेंडर

NEET Exam Security: नीट-यूजी एग्जाम 2026 का पेपर लीक होने के बाद एनटीए ने इसे रोकने के लिए सिक्योरिटी टाइट करने की कवायद शुरू कर दी है. इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है. आइए जानते हैं कि आखिर कौन सी कंपनियां इसके लिए बोली लगा सकेंगी.

---विज्ञापन---

NTA Issues Rs. 7.5 Crore Tender: उठाया गया है और इसका मकसद परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और सेंसेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को बेहतर बनाना है. सिक्योरिटी सर्विस के अलावा, एजेंसी ने अपने कामकाज को और मजबूत करने के लिए हाउसकीपिंग और एग्जाम लेवल की प्रिंटिंग के लिए भी अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं.

क्या है NTA की कोशिश?

25 जुलाई को जारी टेंडर के मुताबिक, चुनी गई एजेंसी NTA के मिंटो रोड स्थित हेडक्वार्टर, ओखला स्थित रीजनल ऑफिस और अन्य तय जगहों पर चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराएगी. इसमें स्टाफ, विजिटर्स, सर्वर रूम, स्ट्रॉन्ग रूम, वेयरहाउस, रिकॉर्ड रूम और परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा शामिल है. ये कॉन्ट्रैक्ट शुरू में 2 साल के लिए होगा, जिसे परफॉर्मेंस के आधार पर एक-एक साल के लिए 2 बार बढ़ाया जा सकता है. सिक्योरिटी कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोलियां 17 अगस्त को बंद होंगी, जबकि प्रिंटिंग सर्विस के लिए प्रपोजल 20 अगस्त तक जमा किए जा सकते हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें- ‘छात्रों से माफी मांगें पीएम मोदी’, खुदकुशी करने वाले नीट एस्पिरेंट्स के परिवार से मिलकर बोले राहुल गांधी

बोली लगाने का क्राइटेरिया

सबसे कम कीमत वाली बोली लगाने की ट्रेडिशनल प्रॉसेस के बजाय, NTA ने क्वालिटी-एंड-कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन (QCBS) मॉडल अपनाया है. इवैल्युएशन में टेक्निकल क्षमता का हिस्सा 70% होगा, जबकि फाइनेंशियल प्रपोजल का हिस्सा 30% होगा. टेक्निकल मूल्यांकन में कम से कम 70 अंक पाने वाली एजेंसियां ​​ही फाइनेंशियल मूल्यांकन के लिए क्वालिफाई करेंगी. एलिजिबल फर्म्स के पास कम से कम 5 साल का एक्सपीरिएंस, पिछले 3 फाइनेंशियल ईयर्स में औसतन 10 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर और सरकारी संस्थानों या दूसरे हाई-सिक्योरिटी वाले संस्थानों को सुरक्षा देने का तजुर्बा होना चाहिए.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें- छात्र प्रदर्शन को लेकर बिहार पुलिस ने शख्स पर की FIR, आरोपी ने कहा- मैं तो 4 महीने से रूस में हूं

NTA पर लौटेगा छात्रों का भरोसा?

चुनी गई एजेंसी जीपीएस-इनेबल्ड पेट्रोल मॉनिटरिंग, बायोमेट्रिक अटेंडेंस, डिजिटल इंसिडेंट रिपोर्टिंग और सख्त एक्सेस कंट्रोल सिस्टम भी लागू करेगी. ये उपाय NEET-UG 2026 के रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराए जाने के बाद किए जा रहे हैं और इनका मकसद पेपर लीक संकट के बाद भारत के एग्जामिनेशनल प्रॉसेस में भरोसा फिर से कायम करना है.

---विज्ञापन---

First published on: Aug 02, 2026 04:26 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola