छात्र प्रदर्शन को लेकर बिहार पुलिस ने शख्स पर की FIR, आरोपी ने कहा- मैं तो 4 महीने से रूस में हूं

Bihar NEET Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह बिहार के कई जिलों में भी नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन हुई और कई तरह की हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया. अब खबर आ रही है कि पुलिस ने ऐसे शख्स पर केस दर्ज कर लिया है जो पिछले 4 महीने से विदेश में रह रहा है.

Mohammad Sadaqat

Mohammad Sadaqat An NEET Protest (Photo- Instagram/ANI)

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Mohammad Sadaqat: बिहार के किशनगंज जिले के मोहम्मद सदाकत ने आरोप लगाया है कि नीट पेपर लीक को लेकर पिछले हफ्ते हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े एक पुलिस केस में उसका नाम गलत तरीके से शामिल किया गया है. उनका दावा है कि वो पिछले 4 महीनों से रूस में रह रहे हैं और छात्र आंदोलन के दौरान भारत मौजूद ही नहीं थे.

आरोपी ने किया विदेश में होने का दावा

मोहम्मद सदाकत ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ये दावा किया है कि 25 जुलाई को किशनगंज के बहादुरगंज इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के समय वह भारत से बाहर था. वीडियो में उसने सवाल उठाया है कि विदेश में होने के बावजूद उसका नाम FIR में कैसे आ गया. हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है.

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निष्पक्ष जांच की मांग

मोहम्मद सदाकत ने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच करने और अगर फैक्ट्स उसके दावे का सपोर्ट करते हैं तो पुलिस केस से उसका नाम हटाने की अपील की है. उसने कहा कि विरोध प्रदर्शन में उनका कोई रोल नहीं थीा और सबूतों की सही तरीके से जांच की मांग की.

पुलिस का जवाब

मोहम्मद सदाकत से जुड़े आरोपों के बारे में पूछे जाने पर किशनगंज के एसपी हरि मोहन शुक्ला ने न तो दावे की पुष्टि की और न ही उसे नकारा. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के मामलों से जुड़ी चिंताओं वाले लोग पुलिस से संपर्क कर सकते हैं और उचित समाधान हासिल सकते हैं.

FIR वापसी का हो चुका है ऐलान

ये विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार सरकार ने NEET पेपर लीक के आरोपों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े एफआईआर को वापस लेने की ऐलान है. राज्य के गृह विभाग की तरफ जारी अधिसूचना के मुताबिक, 26 जुलाई की सुबह 6 बजे से पहले हुई घटनाओं से जुड़ी सभी FIR, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस ले लिए जाएंगे. सरकार ने ये भी कहा कि उन घटनाओं के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा कर दिया जाएगा.

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कितने लोग हिरासत में?

पेपर लीक विवाद के विरोध में पिछले हफ्ते आयोजित राज्यव्यापी बंद के दौरान 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से तकरीबन आधे नाबालिग थे. अधिकारियों का आरोप था कि हिरासत में लिए गए लोगों ने बंद को जबरदस्ती लागू करने की कोशिश की थी. इस मुद्दे ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक बहस को जन्म दिया है, और देश के कई हिस्सों में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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