राज्यसभा सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कैंटीन में एक साथ चाय पीते नजर आए. दोनों नेताओं की इस मुलाकात की काफी चर्चा भी हुई.
संसद में लोकसभा और राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है. बीते दिन बिल पर सरकार और विपक्षी सांसदों के बीच गरमागरम बहस हुई. वहीं चर्चा आज आगे बढ़ेगी और दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिल पर अपना पक्ष रखेंगे. चर्चा पूरी होने के बाद बिल पर वोटिंग कराई जा सकती है. सरकार बिल को पेपर लीक पर रोक लगाने और शिक्षा सुधार के लिए बड़ा कदम बता रही है. जबकि विपक्ष जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है.
सरकार की बिल को जल्दी पारित कराने की कोशिश
बता दें कि अगर एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास हो जाता है तो इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि इस बिल को जल्द से जल्द राज्यसभा में भेजकर पारित कराना और कानून बनाकर लागू करना है. राहुल गांधी के चर्चा में शामिल मुद्दा और अहम हो गया है. क्योंकि विपक्ष लगातार देशभर के युवाओं, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाता रहा है. ऐसे में राहुल गांधी अपने संबोधन में पेपर लीक और छात्रों को लेकर सरकार का घेराव कर सकते हैं.
आज लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए तो सरकार ने कांग्रेस के कार्यकाल में हुए पेपर लीक कांड गिनाए. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि भाजपान ने पहले भी कानून बनाए गए, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुकीं.
प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर सवाल उठाए. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो का जिक्र करके युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा. अखिलेश यादव ने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों-युवाओं की जीत बताया. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पेपर लीक के कारण सरकार का युवाओं से कनेक्शन कमजोर पड़ गया है.
अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि पेपर लीक आतंकवाद की तरह खतरनाक है, लेकिन सरकार बीमारी का इलाज करेगी. इसके लिए ही पुराने कानून में संशोधन करके शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपर लीक माफिया को मिट्टी में मिलाया जा सके.
केंद्र सरकार ने 27 जुलाई को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश किया था. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बिल को सदन में पटल पर रखा और विपक्ष से चर्चा करने को कहा, लेकिन विपक्ष गृहमंत्री अमित शाह से संसद में सवालों का जवाब देने की मांग पर अड़ा रहा. लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप करके पक्ष और विपक्ष का गतिरोध खत्म किया और चर्चा की सहमति बनाई.
गतिरोध खत्म होने के बाद बीते दिन मंगलवार को लोकसभा में पेपर बिल पर चर्चा हुई. भाजपा की ओर से बांसुरी स्वराज, अनुराग ठाकुर, किरेन रिजीजू समेत कई सांसदों ने चर्चा की. वहीं विपक्ष की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा समेत कई सांसदों ने चर्चा की और कई मौकों पर सांसदों के बीच तीखी बहस भी हुई और देररात तक बहस चलती रही.









