Monsoon Session: मानसून सत्र के दौरान 29 जुलाई को पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) अमेंडमेंट बिल 2026 को लोकसभा में पास कर दिया गया है, जिसे एंटी पेपर लीक बिल भी कहा जाता है. बीते कई दिनों से सत्तापक्ष और विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयक पर चर्चा हुई, जहां आरोप और प्रत्यारोप लगाए गए. जहां सरकार बिल को पेपर लीक पर रोक लगाने और शिक्षा सुधार के लिए बड़ा कदम बताया, वहीं विपक्ष ने बार-बार जवाबदेही तय करने की मांग की और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए.
लोकसभा का माहौल रहा गर्म
बिल पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रहा. राहुल गांधी के अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर सत्ता पक्ष ने तीखा विरोध दर्ज कराया. बीजेपी और एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी से माफी की मांग करते हुए कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना हर सदस्य की जिम्मेदारी है. दिनभर संसद परिसर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के चैंबर में बैठकों का दौर चलता रहा. प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पीकर से मुलाकात की. सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म करने की कोशिश हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी.
राहुल ने नहीं मांगी माफी
राहुल गांधी की तरफ से माफी नहीं आने के बाद सरकार ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई और पेपर लीक विरोधी विधेयक को लोकसभा से पारित करा लिया. अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा. वहां से मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा. सरकार का कहना है कि ये चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इसके लागू होने के बाद देश को सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ एक और सशक्त कानूनी व्यवस्था मिलेगी.
अब राज्यसभा पर निगाहें
लोकसभा में हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप और कई दौर की बैठकों के बीच सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ अहम विधेयक पारित करा लिया. अब निगाहें राज्यसभा पर हैं. अगर वहां भी यह बिल पास हो जाता है, तो देश में सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर कार्रवाई के लिए कानून और अधिक सख्त हो जाएगा.