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एक बुजुर्ग महिला बैंक पहुंचती हैं और कहती हैं कि मेरी 12 एफडी तोड़कर सारा पैसा दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दीजिए. महिला की सभी एफडी के पैसे जोड़े जाएं तो वो करीब 1.13 करोड़ रुपये बन रहे थे. लेकिन बैंककर्मी को कुछ गड़बड़ लगा. बैंककर्मियों ने सच्चाई जानने के लिए उसे करीब तीन घंटे तक बातचीत में उलझाए रखा. तब सामने आया है कि कुछ लोग खुद को ‘सीबीआई अधिकारी’ बताकर महिला को लूटने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हीं के कहने पर बुजुर्ग महिला बैंक पहुंची थीं. मामला लखनऊ के मामा चौराहे स्थित पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच का है. लेकिन बैंककर्मियों की सूझबूझ ने महिला को लुटने से बचा लिया.

महिला को 11 दिसंबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी. कॉल करने वालों ने दावा किया कि महिला का परिवार आतंकवाद से जुड़े एक मामले में ‘जांच के घेरे’ में है. उन लोगों ने महिला से कहा कि जो भी आपकी जमा पूंजी है, उसकी जांच करनी है. फिर महिला से एक बैंक अकाउंट में वो पैसे भेजने को कहा. साथ ही महिला को यह भरोसा भी दिलवाया कि एक बार जांच पूरी हो जाने के बाद, पूरे पैसे वापस कर दिए जाएंगे.

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बैंककर्मियों ने कैसे पकड़ा?

महिला अपनी 12 एफडी के डॉक्युमेंट्स के साथ बैंक पहुंचती है. अपनी एफडी तोड़कर उसके सारे पैसे दूसरे खाते में भेजने को कहती है. इस पर बैंक अधिकारी ने इसकी वजह पूछी. लेकिन महिला ने कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई. मामला ब्रांच मैनेजर के पास भेजा गया. मैनेजर ने वही सवाल पूछा, तो महिला ने कहा कि उन्हें बच्चों के लिए पैसों की जरूरत है. मैनेजर ने उन्हें सलाह दी कि आप एफडी ना तोड़िए, आपको पैसों की जरूरत है तो दूसरी स्कीम के तहत बैंक फंड़ का इंतजाम कर सकता है. लेकिन महिला अपनी एफडी तुड़वाने पर अड़ी रही.

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जब बेटे से की बात

इस पर बैंककर्मियों ने उनके बेटे का नंबर मांगा, वो भी उन्होंने देने से मना कर दिया. बैंक ने जांचा तो पता चला कि जिस अकाउंट में वह पैसा भेजना चाहती है, वो किसी फर्म का अकाउंट है. महिला से पूछा गया तो उसने बताया कि यह उसके बेटे की फर्म है. इसी बीच बैंक रिकॉर्ड से महिला के बेटे का नंबर निकाल लिया जाता है. महिला ने अपने अकाउंट की नॉमिनी डिटेल में बेटे का नंबर दिया हुआ था. जब बेटे से संपर्क किया गया तो उसने बताया कि परिवार को कार खरीदने के लिए पैसे चाहिए. लेकिन साथ ही कहा कि उन्हें इतनी बड़ी रकम नहीं चाहिए, जितनी मां निकालने को बोल रही है.

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बहाने से खंगाला मोबाइल

फिर बैंक स्टाफ ने महिला से कहा कि वह जिस अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करवाना चाहती हैं, उसकी डिटेल्स आपने शायद गलत दी हैं. इसके बाद महिला ब्रांच से बाहर निकलीं और किसी से फोन पर बात करने लगीं. वापस आकर महिला ने कहा कि ये अकाउंट नंबर बिल्कुल सही है. इसके बाद बैंककर्मियों ने डिटेल्स वैरिफाई करने के बहाने उनका मोबाइल फोन लिया. जब महिला का मोबाइल खंगाला गया तो पता चला कि एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया था. इस नंबर से बैंक डिटेल्स और एक वॉयस नोट आया हुआ था.

फिर बुलाई पुलिस

जब बैंककर्मियों को यह कंफर्म हो गया कि कुछ गड़बड़ है तो पुलिस को बुलाया गया. पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि उसे 11 दिसंबर की शाम को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी. कॉल करने वाले ने उनके दिवंगत पति का मोबाइल नंबर बताया और दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी-लॉन्ड्रिंग रैकेट में किया गया है. साथ ही महिला से कहा गया कि इसके जरिए आतंकवादी संगठनों से करीब 50 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस फंड का इस्तेमाल कश्मीर और दिल्ली में आतंकी घटनाओं में किया गया था.

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आतंकी मामले में फंसाने की धमकी

सीबीआई ऑफिसर बनकर कॉल करने वाले ठगों ने महिला को बताया कि मामले की जांच पुणे में सीबीआई कर रही है. उन लोगों ने महिला से व्हॉट्सऐप वीडियो कॉल भी किया. जिसमें दिखाया गया, जैसे कुछ अधिकारी वर्दी पहनकर सरकारी दफ्तर में बैठे हैं. चार दिनों तक महिला पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया गया. फिर उससे आधार कार्ड और बैंक डिटेल्स ली गई. इसके बाद महिला को कहा गया कि अपना सारा पैसा एक अकाउंट में जमा करा दें. साथ ही धमकी दी कि इस बारे में वह परिवार को न बताएं और घर से बाहर न निकलें, वरना उनके परिवार को मार दिया जाएगा.

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PNB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का जिक्र करते हुए लोगों को सतर्क किया है कि ‘एक फोन कॉल… एक धमकी… दांव पर लगी जीवन भर की कमाई… बैंक की सतर्कता से यह धोखाधड़ी पकड़ी गई और उनकी बचत सुरक्षित रही… घबराएं नहीं… ट्रांसफर न करें… हमेशा वैरिफाई करें.’

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First published on: Dec 23, 2025 06:29 PM

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