भारत ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों के नाम नक्शे में शामिल किए, तो चीन को मिर्ची लग गई. उसने भारत के इस कदम को अमान्य करार दिया तो MEA ने उसे करारा जवाब दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि अरुणाचल भारत का अविभाज्य हिस्सा है, कोई इस सच्चाई को नकार नहीं सकता. उन्होंने कहा- ”हम लोग बॉर्डर के मुद्दों को बहुत अहम मानते हैं और समझते हैं कि सीमा पर शांति बेहद ज़रूरी है. बॉर्डर पर हालात चीन से हमारे संबंधों को तय करते हैं.”
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MEA ने और क्या कहा?
MEA प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने आगे कहा- ”भारत चीन बॉर्डर को लेकर WMCC की बैठक में भी यही बात कही गयी है. LoAC पर हम दोनों देशों को शांति बनाये रखने की ज़रुरत है.” पाकिस्तान के कब्जे़ वाले जम्मू-कश्मीर PoJK पर जयसवाल ने कहा- ”हमने देखा है कि वहां मानवाधिकार का कितना घोर उल्लंघन हो रहा है. हम उम्मीद करते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान पर दबाव बनाएगा.” वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब पूछा गया कि अमेरिका की बैन वाली धमकी के बावजूद क्या भारत रूस से तेल खरीदेगा. इसपर रणधीर जयसवाल ने जवाब दिय- ”भारत की ऊर्जा नीति 140 करोड़ भारतीयों के हित को ध्यान में रखकर बनाई गयी है. किसी और फैक्टर की अहमियत इस बात से ज्यादा नहीं. हम अपनी ज़रूरतों को कई श्रोतों से पूरा करेंगे.”
मक्का डील पर MEA का जवाब
सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच हुई मक्का डिफेंस डील पर MEA प्रवक्ता ने कहा- ”पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर हम लगातार नज़र रखे हुए हैं. जो मक्का समझौता हुआ है, उसके भारत पर असर की हम समीक्षा कर रहे हैं. पाकिस्तान को लेकर जो हमारी नीति थी, वो वैसी ही रहेगी. जहां तक मक्का रक्षा समझौते का सवाल है, हम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता दोनों के नजरिए से इसके प्रभावों की समीक्षा कर रहे हैं. भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाएगा.”
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