LPG Crisis New Update: होर्मुज स्ट्रेट में भारत के 24 समुद्री जहाज फंसे हैं, जिनमें LPG के करीब 6 टैंकर थे। इनमें से 5 टैंकर भारत आ चुके हैं, लेकिन होर्मुज को लेकर बढ़ी टेंशन के कारण आगे की सप्लाई बाधित हो रही है। इसलिए केंद्र सरकार ने गैस संकट से बचने के लिए एक प्लान बनाया है। केंद्र सरकार अब खाली टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट के उस पार भेजकर वहां फंसे टैंकरों की गैस उसमें भरवाएगी, ताकि वे भारत तक LPG लेकर आ सकें।
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2 मंत्रालयों और भारतीय नौसेना का प्लान
बता दें कि होर्मुज से LPG की सप्लाई के लिए केंद्र सरकार ने विदेश मंत्रालय, शिपिंग मंत्रालय और भारतीय नौसेना के साथ मिलकर प्लान बनाया है। होर्मुज में फंसे 24 भारतीय जहाजों में से 20 जहाजों पर 600 से ज्यादा भारतीय नाविक सवार हैं। 4 भारतीय जहाज सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जिनमें LPG और कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं। बाकी जहाजों को होर्मुज से निकालने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अगर वे नहीं आ पाए तो खाली टैंकर भेजे जाएंगे।
भारतीय नौसेना की रही जहाजों की सुरक्षा
होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय समुद्री जहाज भारतीय नौसेना की सुरक्षा में भारत तक आ रहे हैं। भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में कई युद्धपोत तैनात किए हुए हैं, जो भारतीय जहाजों को एस्कॉर्ट करते हैं। वहीं नेवी के युद्धपोत सीधे होर्मुज स्ट्रेट में नहीं जाते, बल्कि जब समुद्री जहाज खतरे वाले एरिया से बाहर आ जाते हैं तो उन्हें अरब सागर में एस्कॉर्ट करते हुए भारत तक लाया जाता है। इस दौरान केंद्रीय मंत्रालय को पल-पल का अपडेट दिया जाता है।
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ईरान की बारूदी सुरंगों ने भी टेंशन बढ़ाई
बता दें कि ईरान ने भारतीय समुद्री जहाजों को बेशक होर्मुज क्रॉस करने की परमिशन दी है, लेकिन कुछ निर्देश भी दिए हैं, जिन्होंने भारतीय नौसेना की टेंशन बढ़ाई है। वहीं ईरान की बारूदी सुरंगें भी टेंशन हैं, जो होर्मुज स्ट्रेट में बिछी हैं और अगर उनसे जहाज टकराया तो विनाश होने का खतरा है। इसलिए भारतीय नौसेना बारूदी सुरंगों का रास्ता डिटेक्ट कर ऑयल टैंकरों को बताती हैं, ताकि वे उससे अपना बचाव कर सकें, इसलिए भी नौसेना की मौजूदगी जरूरी है।
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भारतीय नौसेना की रही जहाजों की सुरक्षा
होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय समुद्री जहाज भारतीय नौसेना की सुरक्षा में भारत तक आ रहे हैं। भारतीय नौसेना ने ओमान की खाड़ी में कई युद्धपोत तैनात किए हुए हैं, जो भारतीय जहाजों को एस्कॉर्ट करते हैं। वहीं नेवी के युद्धपोत सीधे होर्मुज स्ट्रेट में नहीं जाते, बल्कि जब समुद्री जहाज खतरे वाले एरिया से बाहर आ जाते हैं तो उन्हें अरब सागर में एस्कॉर्ट करते हुए भारत तक लाया जाता है। इस दौरान केंद्रीय मंत्रालय को पल-पल का अपडेट दिया जाता है।
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बता दें कि ईरान ने भारतीय समुद्री जहाजों को बेशक होर्मुज क्रॉस करने की परमिशन दी है, लेकिन कुछ निर्देश भी दिए हैं, जिन्होंने भारतीय नौसेना की टेंशन बढ़ाई है। वहीं ईरान की बारूदी सुरंगें भी टेंशन हैं, जो होर्मुज स्ट्रेट में बिछी हैं और अगर उनसे जहाज टकराया तो विनाश होने का खतरा है। इसलिए भारतीय नौसेना बारूदी सुरंगों का रास्ता डिटेक्ट कर ऑयल टैंकरों को बताती हैं, ताकि वे उससे अपना बचाव कर सकें, इसलिए भी नौसेना की मौजूदगी जरूरी है।