Iran Warns America: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और अमेरिका ने ईरान में जमीनी हमले की तैयारी कर ली है। इससे तिलमिलाए ईरान ने भी अमेरिका को खुला चैलेंज दे दिया है। होर्मुज से खर्ग तक महाविनाश की चेतावनी ईरान ने दी है। ईरान के सांसद मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने सरेंडर की संभावनाओं को खारिज कर दिया है और धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमले किए तो ईरान न दोस्त के बारे में सोचेगा और न ही पड़ोसियों का ख्याल करेगा।
🚨‼️⚡️Iranian Parliament Speaker Qalibaf:
No one can issue an ultimatum to Iran and the Iranian people. pic.twitter.com/CbYGBULnm0---विज्ञापन---— MOSCOW NEWS 🇷🇺 (@MOSCOW_EN) March 26, 2026
सरेंडर की संभावना से साफ इनकार किया
कालिबफ ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी के हर हमले का जवाब दिया जाएगा। ईरान न सरेंडर करेगा और न ही झुकेगा। युद्ध को जीते बिना खत्म नहीं किया जाएगा। एक ओर अमेरिकी बातचीत करके और शांति प्रस्ताव देकर ईरान को बहला रहा है। दूसरी ओर जमीनी हमले की तैयारी कर ली है। जिसे समझौता करना होता है, वह दरवाजे पर सेना को खड़ा नहीं करता। ईरान किसी कीमत पर समझौता नहीं करेगा और मजबूर किया तो महाविनाश होगा।
इजरायल में मंत्रियों के घर हमले की धमकी
कालिबफ ने धमकी दी है कि ईरान की सेना इजरायल में मंत्रियो के घरों पर हमले करेगी। ईरान किसी भी तरह के हमले और स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। ईरान में घुसना आसान नहीं होगा और जमीन के साथ-साथ हवा से हमले जारी रहेंगे। अगर अमेरिका ने ईरान को झुकाने की कोशिश की तो उसका खामियाजा पूरी दुनिया भुगतेगी। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट को हमल ब्लॉक कर सकते हैं। फिर अरब देशों और बाकी दुनिया का जो होगा, उसके लिए अमेरिका जिम्मेदार है।
🔻NO TAN “SECRETO” 🔻Irán acusó a EU de preparar “en secreto” una incursión militar terrestre. No obstante, es algo conocido que se ha enviado a Oriente medio expediciones anfibias de Marines e incluso un destacamento de la histórica 82 División Aerotransportada del US Army , sin… pic.twitter.com/r9b3sZMpnc
— Ciro Di Costanzo (@CiroDi) March 29, 2026
युद्धपोत के साथ US मरीन कमांडो तैनात
बता दें कि मध्य पूर्व में तैनात अमेरिका के 50000 सैनिकों की मदद के लिए अब 3500 मरीन कमांडो भी आ गए हैं। वे अपने पूरे बेड़े के साथ बीते दिन जापान से मिडिल ईस्ट पहुंचे। इनका मेन टारगेट ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स एंड सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टेम और तटीय ठिकाने हैं। लेकिन अगर ईरान ने शांति प्रस्ताव नहीं माना तो ईरान के अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जा या नाकाबंदी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास रणनीतिक ठिकानों पर हमला और परमाणु ठिकानों पर हमला करेंगे।










