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ईरान की महाविनाश की चेतावनी, ट्रंप की जमीनी हमले की तैयारी का पलटवार, कहा- होर्मुज से खर्ग तक मचाएंगे तबाही

Middle East War: अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग भयानक रूप ले चुकी है। अमेरिका ने अब ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी की है। इसके बदले में ईरान ने भी महाविनाश की चेतावनी दे दी है।

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Mar 30, 2026 07:07
Middle East War
अमेरिका और ईरान के बीच जंग 28 फरवरी को शुरू हुई थी।

Iran Warns America: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और अमेरिका ने ईरान में जमीनी हमले की तैयारी कर ली है। इससे तिलमिलाए ईरान ने भी अमेरिका को खुला चैलेंज दे दिया है। होर्मुज से खर्ग तक महाविनाश की चेतावनी ईरान ने दी है। ईरान के सांसद मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने सरेंडर की संभावनाओं को खारिज कर दिया है और धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमले किए तो ईरान न दोस्त के बारे में सोचेगा और न ही पड़ोसियों का ख्याल करेगा।

सरेंडर की संभावना से साफ इनकार किया

कालिबफ ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी के हर हमले का जवाब दिया जाएगा। ईरान न सरेंडर करेगा और न ही झुकेगा। युद्ध को जीते बिना खत्म नहीं किया जाएगा। एक ओर अमेरिकी बातचीत करके और शांति प्रस्ताव देकर ईरान को बहला रहा है। दूसरी ओर जमीनी हमले की तैयारी कर ली है। जिसे समझौता करना होता है, वह दरवाजे पर सेना को खड़ा नहीं करता। ईरान किसी कीमत पर समझौता नहीं करेगा और मजबूर किया तो महाविनाश होगा।

इजरायल में मंत्रियों के घर हमले की धमकी

कालिबफ ने धमकी दी है कि ईरान की सेना इजरायल में मंत्रियो के घरों पर हमले करेगी। ईरान किसी भी तरह के हमले और स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। ईरान में घुसना आसान नहीं होगा और जमीन के साथ-साथ हवा से हमले जारी रहेंगे। अगर अमेरिका ने ईरान को झुकाने की कोशिश की तो उसका खामियाजा पूरी दुनिया भुगतेगी। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट को हमल ब्लॉक कर सकते हैं। फिर अरब देशों और बाकी दुनिया का जो होगा, उसके लिए अमेरिका जिम्मेदार है।

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युद्धपोत के साथ US मरीन कमांडो तैनात

बता दें कि मध्य पूर्व में तैनात अमेरिका के 50000 सैनिकों की मदद के लिए अब 3500 मरीन कमांडो भी आ गए हैं। वे अपने पूरे बेड़े के साथ बीते दिन जापान से मिडिल ईस्ट पहुंचे। इनका मेन टारगेट ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स एंड सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टेम और तटीय ठिकाने हैं। लेकिन अगर ईरान ने शांति प्रस्ताव नहीं माना तो ईरान के अहम तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जा या नाकाबंदी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास रणनीतिक ठिकानों पर हमला और परमाणु ठिकानों पर हमला करेंगे।

First published on: Mar 30, 2026 06:07 AM

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