कौन हैं दिमागी नक्सली? किरेन रिजिजू ने जारी की लिस्ट, PM मोदी के बयान के बाद सियासत तेज
Kiren Rijiju On Dimagi Naxals: 15 अगस्त 2026 के भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच तलवारें खिंच गई हैं. पी चिदंबरम के रिएक्शन के बाद किरेन रिजिजू ने 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर सफाई दी है.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Aug 16, 2026 16:48
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Aug 16, 2026 16:48
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किरेन रिजिजू (Photo-PTI)
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Kiren Rijiju Lists Who Are Dimagi Naxals: कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का रिएक्शन और ये कहने के बाद कि उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ होने पर गर्व है, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पीएम नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर सफाई दी है. संसदीय कार्य मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी ने विपक्ष के नेताओं को ‘दिमागी नक्सली’ नहीं कहा था. रिजिजू ने बताया कि ये शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया था जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते हैं, अलगाववादियों का साथ देते हैं और पूर्वोत्तर को भारत के बाकी हिस्सों से अलग करने की वकालत करते हैं.
रिजिजू ने जारी की ‘दिमागी नक्सली’ की लिस्ट
किरेन रिजिजू ने बताया कि वो किन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहते हैं. उन्होंने लिखा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी जी ने विपक्ष के नेताओं को ‘दिमागी नक्सली’ नहीं कहा. ‘दिमागी नक्सली’ वो हैं जो: 1- माओवादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते. 2- अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं. 4- ‘चिकन नेक’ को काटकर पूर्वोत्तर को भारत से अलग करना चाहते हैं.’ गौरतलब है कि ‘चिकन नेक’ का मतलब पश्चिम बंगाल में मौजूद संकरे सिलीगुड़ी कॉरिडोर से है, जो मेनलैंड इंडिया को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला रणनीतिक रूप से बेहद अहम इलाका है.
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PM @narendramodi ji didn't say opposition leaders as Dimagi Naxals. Only following are Dimagi Naxals:
1. Who support Maoists and reject Indian Constitution. 2. Who stand with separatists & support Article 370. 4. Who want to cut chicken neck to separate North-East from India.
लाल किले के प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण के दौरान, पीएम नरेंद्र मोदी ने आर्म्ड माओवादी विद्रोह से निपटने में देश की कामयाबी की सराहना की और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने ‘दिमागी नक्सली’ के बारे में भी चेतावनी दी, जिसका मतलब माओवादी विचारधारा से प्रभावित लोगों से था. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान करके उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है ताकि देश आगे बढ़ता रहे.
#WATCH | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा, "21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना बहुत अनिवार्य है। नक्सलवाद, माओवाद लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया, अनेक माताओं के दुधमल… pic.twitter.com/iDcvcJ5YtN
पीएम मोदी ने कहा, ‘सालों तक, माओवादी सोच वाले लोग सार्वजनिक जीवन और सरकारी कमेटियों तक में मौजूद रहे; इस सोच ने कई संस्थानों और पहलों को प्रभावित किया. मेरे प्यारे देशवासियों, हम ‘हथियारबंद नक्सल’ पर काबू पाने और देश को उनसे मुक्त करने में कामयाब रहे हैं. भले ही ये नक्सली चले गए हों, लेकिन ‘दिमागी नक्सली’ मौके की तलाश में हैं, हिंसा के रास्ते खोज रहे हैं और देश को गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं’
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पी चिदंबरम का पलटवार
पीएम मोदी के कमेंट पर रिएक्शन देते हुए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इस बात को पर्सनली ले लिया. ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ होने पर गर्व है, जिससे प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण से जुड़े विवाद में एक और राजनीतिक मोड़ आ गया.