सत्य निकेतन हादसा: कौन है बिल्डिंग का मालिक आनंद बंसल? पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
PG के रूप में इमारत के इस्तेमाल, उसके स्ट्रक्चर और बेसमेंट में चल रहे काम से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है. पुलिस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के आधार पर तय होगी.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Sep 6, 2026 22:23
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Sep 6, 2026 22:23
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आनंद बंसल गुरुग्राम का रहने वाला बताया जा रहा है. (Photo: ANI)
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नई दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में रविवार दोपहर करीब 1:34 एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. इमारत को एक ब्वॉयज पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी और जिस समय यह हादसा हुआ इस दौरान बिल्डिंग के अंदर कई लोग मौजूद थे. इमारत के ढहने से अब तक 4 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है. हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.
आनंद बंसल को लेकर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दक्षिण दिल्ली के बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के एक बयान के मुताबिक, दिल्ली पुलिस आरोपी आनंद बंसल को संभवतः गिरफ्तार कर चुकी है. हालांकि दिल्ली पुलिस की तरफ से अभी किसी भी आरोपी के गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में बताया कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में चार लोगों की मौत हो गई है. जल्द ही FIR दर्ज की जाएगी. आरोपियों को पकड़ने के लिए एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.
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Delhi Police: Four people have died in the Satya Niketan building collapse incident. An FIR will be registered shortly. Simultaneous raids are underway to apprehend the accused. pic.twitter.com/329dbfnZky
शुरुआती जानकारी के अनुसार आनंद बंसल गुरुग्राम का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस ने उसके तलाश में गुरुग्राम में भी छापेमारी की है. सत्य निकेतन के स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी, इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं. निचली मंजिल पर मेडिकल शॉप चलाई जा रही थी, जबकि ऊपरी हिस्से में करीब 10 कमरों को PG के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था.
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घटना के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुरानी इमारत में निर्माण या मरम्मत का काम किसकी अनुमति से कराया जा रहा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था. साथ ही PG के रूप में इमारत के इस्तेमाल, उसके स्ट्रक्चर और बेसमेंट में चल रहे काम से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है. पुलिस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के आधार पर तय होगी.