Census 2011 vs 2027… जानें फॉर्म में क्या-क्या बदला? 4 चुनावी राज्यों में दूसरे फेज की जनगणना का शेड्यूल जारी

भारत के 4 राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने से पहले फरवरी 2027 में चुनाव कराए जाने हैं, इसलिए इन चारों राज्यों में जनगणना के दूसरे चरण का शेड्यूल जारी हो गया है. वहीं इस बार साल 2011 की तुलना में कई बड़े बदलाव जनगणना के लिए किए गए हैं, वहीं पहली बार जातिगत जनगणना कराई जा रही है.

CENSUS 2027 | Self Enumeration | Caste Census

भारत सरकार 2 चरणों में जनगणना करा रही है. (Credit- AI)

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भारत में जनगणना 2027 चल रही है और दूसरे फेज की जनगणना का एक और शेड्यूल जारी हो गया है. एक सितंबर से 30 सितंबर तक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों में दूसरे फेज की जनगणना चल रही है, जिसके तहत घर-घर जाकर लोगों की संख्या काउंट की जा रही है. अब 4 चुनावी राज्यों गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में जनसंख्या की गणना होगी. रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के अनुसार, इन राज्यों के लोग 16 नवंबर से 30 नवंबर तक सेल्फ-एन्यूमरेशन कर सकेंगे. यह जनगणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगी. 5 से 9 जनवरी 2027 तक आपत्तियां दर्ज की जाएगी.

ये है दूसरे फेज की जनगणना का पहले शेड्यूल

बता दें कि दूसरे फेज में तहत केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों में जनगणना चल रही है. 17 से 31 अगस्त तक इन चारों राज्यों में लोगों ने ‘सेल्फ एन्यूमेरेशन’ किया. उसके बाद अब 1 सितंबर से 30 सितंबर तक घर-घर जाकर जनगणना की जा रही है. 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक रिवीजन राउंड चलेगा और 1 अक्टूबर की रात 12 बजे तक जनगणना का रेफ्रेंस फेज चलेगा. इससे पहले एक अप्रैल से 30 सितंबर तक देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहले फेज की जनगणना हुई. घर-घर जाकर मकानों की लिस्टिंग और हाउसिंग सर्वे किया गया. पहले चरण में 33 सवाल पूछे गए थे और दूसरे फेज में करीब 40 सवाल पूछे जा रहे हैं.

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किस राज्य में कब खत्म होगा व‍ि‍स का कार्यकाल? 

बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को खत्म हो रहा है. इस राज्य में पिछली बार 10 फरवरी से 7 मार्च 2022 तक 7 चरणों में विधानसभा चुनाव कराए गए थे. उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 28 मार्च 2027 को खत्म होगा. पिछली बार इस राज्य में एक चरण में 14 फरवरी 2022 को चुनाव कराए गए थे. लेकिन इस बार कुंभ मेले के कारण चुनाव के कार्यक्रम में बदलाव संभव है. पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च 2026 को खत्म हो जाएगा. पिछली बार इस राज्य में 20 फरवरी को एक चरण में चुनाव कराए गए थे. गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027 को खत्म होगा. पिछली बार एक ही चरण में 14 फरवरी 2022 को चुनाव कराए गए थे. मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल मार्च में खत्म होगा. 

पहली बार डिजिटल और जातिगत जनगणना होगी

बता दें कि साल 2027 में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है. जनगणना का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन ही दर्ज किया जा रहा है. वहीं पहली बार लोगों को जनगणना पोर्टल पर खुद अपनी जानकारी रिकॉर्ड करने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का मौका भी दिया गया है. केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत देशवासियों की व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी, यानी इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. RTI के तहत मांगने पर किसी को किसी कीमत पर नहीं दिया जाएगा. यहां तक कि किसी कोर्ट में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने का अधिकार भी किसी को नहीं मिलेगा.

जनगणना 2027 में 2011 की तुलना में क्या बदला?

1. बता दें कि साल 2011 की जनगणना में 29 सवाल पूछे गए थे, लेकिन साल 2027 की जनगणना में 40 सवाल पूछे जा रहे हैं. साल 2011 की जनगणना में जाति के लिए SC/ST की जानकारी ली जाती थी, लेकिन साल 2027 की जनगणना में SC/ST के साथ जाति भी पूछी जा रही है.

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2. साल 2011 की जनगणना में नाम, उम्र के साथ लिंग और वैवाहिक स्थिति के बारे में पूछा गया था, लेकिन साल 2027 की जनगणना में नाम, उम्र, लिंग और वैवाहिक स्थिति के साथ राष्ट्रीयता और पति-पत्नी की जानकारी भी पूछी जा रही है.

3. साल 2011 की जनगणना में धर्म के बारे में पूछा गया था, लेकिन साल 2027 की जनगणना में धर्म के साथ-साथ माता-पिता के धर्म की जानकारी भी ली जा रही है.

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4. साल 2011 की जनगणना में शिक्षा और साक्षरता के बारे में पूछा गया था, लेकिन साल 2027 की जनगणना में ऑनलाइन एजुकेशन, स्ट्रीम और सब्जेक्ट की जानकारी भी ली जा रही है.

5. साल 2011 की जनगणना में रोजगार और काम की कैटैगरी और वर्क प्लेस के बारे में पूछा गया था, लेकिन साल 2027 की जनगणना में इसके साथ-साथ काम की तलाश कर रहे लोगों और काम की उपलब्धता की जानकारी भी ली जा रही है.

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6. साल 2011 की जनगणना में जन्मस्थान और माइग्रेशन के बारे में पूछा गया था, लेकिन साल 2027 की जनगणना में माइग्रेशन के साथ-साथ स्थायी पते और मौजूदा जगह पर रहने की अवधि की जानकारी भी ली जा रही है.

7. साल 2011 की जनगणना में बच्चों से जुड़े सवाल पूछे गए थे, लेकिन साल 2027 की जनगणना में बच्चों से जड़े सवालों के साथ-साथ मौजूदा शादी से बच्चों की जानकारी भी ली जा रही है.

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8. साल 2011 की जनगणना में आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक अकाउंट, कोरोना वैक्सीनेशन के बारे में पूछा गया था, लेकिन साल 2027 की जनगणना में आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक अकाउंट, के साथ-साथ पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी मांगी गई है और कोरोना वैक्सीनेशन कहां कराया था, इस बारे में भी पूछा जा रहा है.

9. साल 2011 की जनगणना में फॉर्म पेपर बेस्ड था, लेकिन साल 2027 की जनगणना ऑनलाइन की जा रही है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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