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कौन है मंजीत सिंह बेदी? जो अमेरिका में FBI का मोस्ट वांटेड, भारत से किया गया गिरफ्तार, 1.4 करोड़ का था इनाम

मंजीत सिंह बेटी अमेरिका के एफबीआई का मोस्ट वांटेड अपराधी थी, उस पर आरोप है कि उसने करीब 5.6 करोड़ रुपये का स्कैम किया है, वो भागकर भारत में आ गया, और अब जालंधर से पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. गौरतलब है कि मंजीत पर करोड़ों का इनाम रखा गया था.

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Who Is FBI Most Wanted Manjit Singh Bedi: भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को पंजाब में गिरफ्तार किया गया है. उन पर फूड-बेनिफिट फ्रॉड का आरोप है और एफबीआई को उनकी तलाश थी. एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने वाशिंगटन के टैकोमा में अपनी किराने की दुकान पर SNAP फूड हेल्प को कैश में बदलकर अमेरिकी सरकार को कम से कम 600000 डॉलर (56699498 रुपये) का नुकसान पहुंचाया. FBI ने उनकी गिरफ्तारी और सजा दिलाने में मदद करने वाली जानकारी के लिए 150000 डॉलर (14174874 रुपये) तक के इनाम का ऐलान किया था.

मंजीत सिंह बेदी कौन हैं?

मंजीत सिंह बेदी मूल रूप से जालंधर जिले का निवासी है, वो अमेरिका टैकोमा में ‘एशियन ग्रोसरी स्टोर’ चलाता था. अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस दुकान का इस्तेमाल ‘सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम’ (SNAP) के फायदों को गैर-कानूनी तरीके से कैश में बदलने के लिए किया जाता था. SNAP इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड के जरिए कम इनकम वाले एलिजिबल अमेरिकियों को खाने-पीने की मदद देता है.

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SNAP के जरिए कैसे होता था स्कैम?

SNAP इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड के जरिए कम इनकम वाले एलिजिबल अमेरिकियों को खाने-पीने की मदद देता है. आरोपों के मुताबिक, बेदी और SNAP के फायदा उठाने वाले लोग इन फायदों को कैश में बदलने पर सहमत हो जाते थे. मिसाल के तौर पर जिस शख्स के पास 200 डॉलर का बेनेफिट होता था, उसे कथित तौर पर 100 डॉलर लते थे, जबकि बाकी रकम बेदी अपने पास रख लेता था.

आरोप है कि बेदी दुकान के पेमेंट टर्मिनल का इस्तेमाल करके ऐसे ट्रांजैक्शन करता था जिनसे वे असली खाने-पीने के सामान की खरीददारी जैसे लगें. हालाँकि, किराने का सामान देने के बजाय, वो कथित तौर पर ग्राहकों को कैश देता था. बताया जाता है कि ये कथित स्कीम मार्च 2024 से जून 2025 तक चली. अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रांजैक्शन की वजह से SNAP का फंड इलेक्ट्रॉनिक रूप से दुकान में ट्रांसफर हो जाता था, जिससे कम से कम 600000 डॉलर का नुकसान हुआ. चूंकि इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट में अलग-अलग राज्यों के बीच कम्युनिकेशन शामिल था, इसलिए बेदी पर ‘वायर फ्रॉड’ का आरोप भी लगा है.

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मंजीत भारत कैसे पहुचा?

अप्रैल 2026 में मंजीत सिंह बेदी पर आरोप तय किए गए थे और उन्हें कुछ शर्तों के साथ आजाद रहने की इजाजत दी गई थी, जिसमें अपना पासपोर्ट जमा करना और वाशिंगटन स्टेट में ही रहना शामिल था. FBI का आरोप है कि बाद में वो कनाडा चला गया और फिर वहां से भारत आ गया. अपनी निगरानी की शर्तों का कथित तौर पर उल्लंघन करने के बाद 21 मई को उनके ख़िलाफ अमेरिकी फेडरल गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था.

बेदी को पंजाब में क्यों गिरफ्तार किया गया?

भारत की पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को जालंधर में बेदी को गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारी राज्य में दर्ज एक अलग मामले से जुड़ी थी, जिसमें ट्रैवल से जुड़े अपराध, धोखाधड़ी और क्रिमनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट से जुड़े आरोप शामिल थे. अधिकारियों ने कहा कि भारत में हो रही जांच अमेरिका के धोखाधड़ी मामले से अलग है और इससे पंजाब में उसकी कथित गतिविधियों का पूरा ब्योरे की जानकारी मिलेगी.

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First published on: Sep 06, 2026 08:56 AM

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