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छात्र प्रदर्शन के बीच फंसे IAS नरेश पाल गंगवार! जानिए- क्या है नए शिक्षा सचिव से जुड़ा ‘सब्सिडी विवाद’?

देशभर में पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. इसी बीच राजस्थान कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है. लेकिन उनकी ये नियुक्ति विवादों में घिर गई है.

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राजस्थान कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार एक बार फिर सुर्खियों में हैं. केंद्र सरकार ने विनीत जोशी को हटाकर उन्हें उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया है. ये नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब देशभर में पेपर लीक और एजुकेशन सिस्टम को लेकर छात्र आंदोलन तेज हैं. विवाद की वजह उनका पूर्व कार्यकाल है.

आरोप है कि पशुपालन विभाग के सचिव रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी विकास बोर्ड की योजना के तहत नियमों की अनदेखी करते हुए करोड़ों रुपये की सब्सिडी मंजूर की. आरोपों के मुताबिक उनके बेटे ऋत्विक गंगवार को करीब 46.49 लाख रुपये की सब्सिडी मिली, जबकि परियोजना की लागत करीब 97.94 लाख रुपये थी. इसी योजना में राजस्थान से केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को भी लगभग 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने का मामला सामने आया था. विपक्ष का आरोप है कि विभागीय सचिव रहते हुए गंगवार ने इन मामलों में हितों के टकराव के बावजूद मंजूरी दी. अब उनकी नई नियुक्ति को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है.

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केंद्रीय मंत्री ने खारिज किए आरोप

विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने सभी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि वो खुद किसान हैं और उन्होंने सरकार की योजना के तहत पात्रता के आधार पर सब्सिडी ली. उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया नियम के मुताबिक हुई और राशि का इस्तेमाल कृषि कार्यों के लिए ही किया गया. उधर, गंगवार के परिवार की ओर से भी कहा गया कि सब्सिडी नियमों के तहत मंजूरी हुई थी और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई.

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विपक्ष ने क्या कहा?

हालांकि, विपक्ष का कहना है कि जब देशभर में छात्र एजुकेशन सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, ऐसे समय विवादों से जुड़े अधिकारी को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी देना कई सवाल खड़े करता है. वहीं सरकार और उनसे जुड़े पक्ष सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए नियुक्ति को रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं. अब देखना होगा कि ये मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहता है या फिर इस नियुक्ति और सब्सिडी विवाद को लेकर आगे कोई जांच या नया मोड़ सामने आता है.

(Input By: Srivatsan)

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First published on: Jul 24, 2026 06:05 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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