लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी की सबसे बड़ी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. नीट पेपर लीक मामले को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन जारी हैं. मोदी सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है, हाई लेवल बैठक की जा रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी खुद वीडियो मैसेज जारी कर देश के युवाओं को ये संदेश दे रहे हैं कि वो नीट पेपर लीक मामले के आरोपियों को सज़ा ज़रूर दिलवाएंगे. इन सबके बीच, धर्मेंद्र प्रधान ने सीधे तौर पर कोई बयान ना देकर पीएम मोदी के वीडियो संदेश को सोशल मीडिया पर रीपोस्ट किया.
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सांसदों के साथ की बैठक
22 जुलाई को संसद की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की वजह से ठप हो गई थी. इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने अपने गृह राज्य ओडिशा के बीजेपी सांसदों के साथ मीटिंग की. केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बताया कि इस दौरान ओडिशा के विकास के मुद्दों और बच्चों की शिक्षा को लेकर चर्चा हुई. धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को भी संबोधित किया. उन्होंने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, मातृभाषा में पढ़ाई, नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर बात की, लेकिन नीट पेपर लीक या कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बारे में कुछ नहीं बोले.
राहुल गांधी पर साधा था निशाना
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस सांसद को घेरे में लिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने फायदे के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं और संसद के मानसून सत्र के वक्त सियासत कर रहे हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक पर संसद में बात करने को तैयार है, लेकिन विपक्ष इसपर सिर्फ राजनीति करना चाहता है. आपको बता दें कि शुक्रवार को मोदी कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत हुई. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की. बैठक खत्म होने के बाद सीजेपी प्रवक्ताओं ने बताया कि सरकार ने उनकी तीन मांगों में से 2 पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समझौता नहीं हो सका है. केंद्र सरकार कल दोपहर तक अपना जवाब देगी.
ये भी पढ़ें: ‘पुलिस ने छात्रों पर चलाई पैलेट गन…’, राहुल गांधी का दावा; पीड़ित के जख्म भी दिखाए
लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी की सबसे बड़ी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. नीट पेपर लीक मामले को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन जारी हैं. मोदी सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है, हाई लेवल बैठक की जा रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी खुद वीडियो मैसेज जारी कर देश के युवाओं को ये संदेश दे रहे हैं कि वो नीट पेपर लीक मामले के आरोपियों को सज़ा ज़रूर दिलवाएंगे. इन सबके बीच, धर्मेंद्र प्रधान ने सीधे तौर पर कोई बयान ना देकर पीएम मोदी के वीडियो संदेश को सोशल मीडिया पर रीपोस्ट किया.
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सांसदों के साथ की बैठक
22 जुलाई को संसद की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे की वजह से ठप हो गई थी. इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने अपने गृह राज्य ओडिशा के बीजेपी सांसदों के साथ मीटिंग की. केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बताया कि इस दौरान ओडिशा के विकास के मुद्दों और बच्चों की शिक्षा को लेकर चर्चा हुई. धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को भी संबोधित किया. उन्होंने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी, मातृभाषा में पढ़ाई, नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर बात की, लेकिन नीट पेपर लीक या कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बारे में कुछ नहीं बोले.
राहुल गांधी पर साधा था निशाना
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस सांसद को घेरे में लिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने फायदे के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं और संसद के मानसून सत्र के वक्त सियासत कर रहे हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक पर संसद में बात करने को तैयार है, लेकिन विपक्ष इसपर सिर्फ राजनीति करना चाहता है. आपको बता दें कि शुक्रवार को मोदी कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत हुई. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की. बैठक खत्म होने के बाद सीजेपी प्रवक्ताओं ने बताया कि सरकार ने उनकी तीन मांगों में से 2 पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समझौता नहीं हो सका है. केंद्र सरकार कल दोपहर तक अपना जवाब देगी.
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