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जब कोर्टरूम में मांझे से काटी गई पेंसिल, HC में लाइव डेमो देख सन्न रह गए जज, बोले- अब पतंगबाजी ही बैन करेंगे

कोर्ट 11 दिसंबर, 2025 को इसने इंदौर और आसपास के जिलों में चाइनीज मांझे पर बैन लगा दिया था. 12 जनवरी, 2026 को कोर्ट ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती के पालन का आदेश दिया था.

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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में उस वक्त सब हैरान हो गए, जब पतंग के मांझे से एक पेंसिल आसानी से कट गई. शुक्रवार की सुनवाई के दौरान, कोर्ट के सामने एक बैन नायलॉन मांझा पेश किया गया. जैसे ही जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी ने इसका परीक्षण किया और धागे को एक पेंसिल के ऊपर रगड़ा गया तो पेंसिल आसानी से कट गई.

पीठ ने टिप्पणी की कि यदि एक ठोस पेंसिल इतनी आसानी से काटी जा सकती है, तो मानव जीवन के लिए खतरा अपने आप ही है. कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि यदि अधिकारी इस खतरे को कंट्रोल करने में नाकाम रहते हैं, तो उनके पास पतंगबाजी पर पूरी तरह से बैन लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं हो सकता.

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कोर्ट को बताया गया कि इस मांझे के निर्माण, बिक्री और यूज पर पूरी तरह बैन है. इस पर कोर्ट ने जिला प्रशासन से तीखे सवाल किए और कहा कि जहां कागज पर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत दूसरी ही कहानी बयां कर रही है.

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कोर्ट ने अखबारों में छपी कटे हुए गले, जख्मी लोगों और क्षत-विक्षत पक्षियों की तस्वीरों का जिक्र करते हुए कहा कि ये तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. कोर्ट ने बताया कि गुजरात में हर साल बड़े पैमाने पर पतंग उत्सव आयोजित किए जाते हैं, फिर भी वहां ऐसी मौतों की खबरें कम ही आती हैं. कड़ा रुख अपनाते हुए हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को चाइनीज मांझे को खत्म करने के लिए एक सख्त और व्यापक नीति तैयार करने का निर्देश दिया है.

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मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी. इंदौर बेंच ने पहले ही इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया है. 11 दिसंबर, 2025 को इसने इंदौर और आसपास के जिलों में चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था. 12 जनवरी, 2026 को कोर्ट ने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती के पालन का आदेश दिया. इन निर्देशों के बावजूद मकर संक्रांति के दौरान कई घातक घटनाओं की जानकारी सामने आई. कोर्ट ने इस पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बैन के बाद भी मौत हो रहे हैं.

First published on: Jan 18, 2026 08:15 AM

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About the Author

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.

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