आपदा के समय भारत सबसे पहला मददगार, नेपाल त्रासदी के महज 12 घंटे बाद पहुंचाई राहत, बना ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’
भारत की इस तत्काल कार्रवाई को दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों के साथ-साथ आपदा के समय तत्काल सहायता पहुंचाने की उसकी नीति के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की थी.
Written By: Akarsh Shukla|Updated: Aug 28, 2026 17:56
Edited By : Akarsh Shukla|Updated: Aug 28, 2026 17:56
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भारतीय वायुसेना का C-130J विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ. (Photo: ANI)
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नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 500 से अधिक लोगों के मौत की खबर है, जबकि 1500 लोग लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल की मदद के लिए दुनिया के कई देश आगे आए हैं, जिसमें से सबसे पहले राहत पहुंचाने वाला देश भारत है. आपको जानकर हैरानी होगी की नेपाल में त्रासदी के महज 12 घंटे बाद ही भारत ने राहत सामग्री रवाना कर दी थी. ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के तौर पर भारत ने नेपाल को बहुत कम समय में सबसे जल्दी राहत सामग्री दी. बुधवार रात करीब 8:35 बजे भारतीय वायुसेना का C-130J विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ और उसी रात राहत की पहली खेप काठमांडू पहुंच गई.
पीएम मोदी ने खुद की थी पीएम बालेन शाह से बात
भारत की इस तत्काल कार्रवाई को दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों के साथ-साथ आपदा के समय तत्काल सहायता पहुंचाने की उसकी नीति के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की थी. उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय टीमें राहत और बचाव अभियान में नेपाल के साथ समन्वय कर रही हैं.
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A second flight has just taken off, carrying 37.5 tonnes of HADR material, medicines & food packets for Nepal.
India remains in close and continuous touch with the Nepalese authorities. We will continue to strongly support the ongoing relief efforts.
इसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत ने नेपाल के लिए 10 टन मानवीय सहायता भेजी है. उन्होंने कहा कि भारत नेपाल और उसके लोगों के साथ खड़ा है. भारत की राहत मुहिम अभी भी जारी है. गुरुवार को दूसरी खेप नेपाल भेजी गई, जिसमें दवाइयां और खाद्य सामग्री शामिल थी. इसके बाद हवाई मार्ग से नेपाल पहुंचाई गई राहत सामग्री की मात्रा 47.5 टन हो गई. शुक्रवार दोपहर तक भारत कुल 62 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका था.
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भारत दुनिया में आपदा के समय राहत पहुंचाने वाले देशों में सबसे आगे खड़ा है. चाहे वो कोविड-19 के दौरान कई देशों को टीके उपलब्ध कराना हो, 2023 में तुर्किये और सीरिया में भूकंप, 2024 में म्यांमार में आपदा, 2025 में श्रीलंका में चक्रवात हो या 2026 में वेनेजुएला में भूकंप, भारत ने राहत और बचाव अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है.