आपदा के समय भारत सबसे पहला मददगार, नेपाल त्रासदी के महज 12 घंटे बाद पहुंचाई राहत, बना 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर'

भारत की इस तत्काल कार्रवाई को दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों के साथ-साथ आपदा के समय तत्काल सहायता पहुंचाने की उसकी नीति के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की थी.

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भारतीय वायुसेना का C-130J विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ. (Photo: ANI)

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नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 500 से अधिक लोगों के मौत की खबर है, जबकि 1500 लोग लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल की मदद के लिए दुनिया के कई देश आगे आए हैं, जिसमें से सबसे पहले राहत पहुंचाने वाला देश भारत है. आपको जानकर हैरानी होगी की नेपाल में त्रासदी के महज 12 घंटे बाद ही भारत ने राहत सामग्री रवाना कर दी थी. ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के तौर पर भारत ने नेपाल को बहुत कम समय में सबसे जल्दी राहत सामग्री दी. बुधवार रात करीब 8:35 बजे भारतीय वायुसेना का C-130J विमान 10 टन राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ और उसी रात राहत की पहली खेप काठमांडू पहुंच गई.

पीएम मोदी ने खुद की थी पीएम बालेन शाह से बात

भारत की इस तत्काल कार्रवाई को दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों के साथ-साथ आपदा के समय तत्काल सहायता पहुंचाने की उसकी नीति के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बात की थी. उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए भारत की ओर से हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय टीमें राहत और बचाव अभियान में नेपाल के साथ समन्वय कर रही हैं.

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दो दिन में 62 टन राहत सामग्री पहुंचाई

इसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत ने नेपाल के लिए 10 टन मानवीय सहायता भेजी है. उन्होंने कहा कि भारत नेपाल और उसके लोगों के साथ खड़ा है. भारत की राहत मुहिम अभी भी जारी है. गुरुवार को दूसरी खेप नेपाल भेजी गई, जिसमें दवाइयां और खाद्य सामग्री शामिल थी. इसके बाद हवाई मार्ग से नेपाल पहुंचाई गई राहत सामग्री की मात्रा 47.5 टन हो गई. शुक्रवार दोपहर तक भारत कुल 62 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका था.

भारत दुनिया में आपदा के समय राहत पहुंचाने वाले देशों में सबसे आगे खड़ा है. चाहे वो कोविड-19 के दौरान कई देशों को टीके उपलब्ध कराना हो, 2023 में तुर्किये और सीरिया में भूकंप, 2024 में म्यांमार में आपदा, 2025 में श्रीलंका में चक्रवात हो या 2026 में वेनेजुएला में भूकंप, भारत ने राहत और बचाव अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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