---विज्ञापन---

देश angle-right

Independence Day: लाल किले में ही क्यों मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस, पहला संबोधन क्या था, जानिए इतिहास

Independence Day: लाल किले से जुड़ी स्वतंत्रता दिवस की ऐतिहासिक परंपरा क्या है? आज देश का 79वां स्वतंत्रता दिवस है। इस अवसर पर जानिए प्रथम पीएम नेहरू का पहला भाषण, 'Tryst with Destiny' का महत्व और पीएम मोदी का 12वां संबोधन की खासियत क्या है।

---विज्ञापन---

Independence Day: दिल्ली सदियों से भारत की सत्ता और संस्कृति का केंद्र रही है। मुगल सम्राट शाहजहां ने 17वीं शताब्दी में लाल किले का निर्माण करवाया था, जो उस समय की सत्ता का प्रतीक माना जाता था। 1857 की जंग के दौरान भी यह किला स्वतंत्रता संग्राम का अहम केंद्र था। जब भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली, तब देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस ऐतिहासिक स्थल से तिरंगा फहराकर देश को संबोधित किया था। इसके बाद हर साल देश के पीएम 15 अगस्त के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हैं। आज देश अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। नरेंद्र मोदी आज बतौर पीएम देश को 12वीं बार संबोधित करेंगे।

लाल किले पर क्यों मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस?

लाल किला भारत की धरोहर है। यह जगह भारत की आजादी का सबसे बड़ा प्रतीक है।
दिल्ली सदियों से कई शासकों के अधीन रही है। मुगल सम्राट शाहजहां ने 1648 में शाहजहांबाद यानी पुरानी दिल्ली की स्थापना की थी और लाल किले को अपनी राजधानी बनाया था। साल 1857 में जब ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ मुगलों ने पहला स्वतंत्रता संग्राम शुरू किया था, तब दिल्ली का विशेषकर लाल किले का प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ भी ज्यादा बढ़ गया था।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- 26 जवानों ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को किया था नेस्तनाबूद, वीरता पुरस्कार से किए जाएंगे सम्मानित

ब्रिटिशर्स का कब्जा

1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिशों ने लाल किले को मिलिट्री कैंप में बदल दिया था। बहादुर शाह जफर को गिरफतार करने के बाद अंग्रेजों ने लाल किले को अपने नियंत्रण में ले लिया था। यह किला भारतीयों के लिए दमन और गुलामी का भी प्रतीक बना था, जब 1947 में भारत आजाद हुआ, तो नेहरू द्वारा लाल किले से तिरंगा फहराया था। दरअसल, ऐसा करने से उन्होंने देश को यह संदेश दिया था कि भारत अब खुद अपनी सत्ता का स्वामी है।

---विज्ञापन---

पीएम नेहरू का पहला संबोधन क्या था?

देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू ने पहले दिल्ली के प्रिंसेस पार्क में तिरंगा लहराकर देश को आजादी का संदेश दिया था, मगर इसके बाद 16 अगस्त को नेहरू ने लाल किले से देश को संबोधित किया था। उनका पहला भाषण Tryst with Destiny था। 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को पीएम नेहरू ने संविधान सभा में Tryst with Destiny भाषण दिया, जो रिफलेक्शन स्पीच के रूप में बेहद प्रसिद्ध हुआ था। 16 अगस्त 1947 को नेहरू ने लाल किले से संबोधन किया और कहा कि वे देश के प्रथम सेवक हैं।

Tryst with Destiny का मतलब क्या है?

Tryst with Destiny का मतलब होता है नियति से किया गया एक वादा। इस भाषण का महत्व केवल आजादी की घोषणा करना नहीं था बल्कि भारत के नेताओं के विजन, आशा और उनके कर्तव्यों का भी घोषणापत्र था। इससे संदेश यह दिया गया था कि भारतीय जनता को एकजुट होकर नए भारत के निर्माण में मदद करनी होगी

---विज्ञापन---

आज पीएम मोदी का 12वां संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के 14वें प्रधानमंत्री हैं। बतौर पीएम वे आज 15 अगस्त पर लाल किले से 12वीं बार देश को संबोधित करेंगे। इस बार का स्वतंत्रता दिवस बेहद खास है क्योंकि इस साल लाल किले पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखाई देगी। साथ ही, 5000 मुख्य अतिथि भी मौजूद होंगे।

ये भी पढ़ें- ‘जब राष्ट्र की रक्षा की बात आती है…’, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन

---विज्ञापन---

First published on: Aug 15, 2025 07:20 AM

End of Article

About the Author

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

Namrata Mohanty 

@namratamohanty105

Namrata Mohanty

Read More

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

Namrata Mohanty 

@namratamohanty105

Namrata Mohanty

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola