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कोयला माफियाओं पर हंटर, CISF ने झारखंड-बंगाल में 428 टन अवैध कोयला किया जब्त!

गृह मंत्रालय ने कोयला माफियाओं पर सीधा शिकंजा कसने के लिए CISF को खान और खनिज अधिनियम के तहत सीधे तलाशी, जब्ती और कानूनी कार्रवाई के अधिकार दिए हैं.

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केंद्रीय गृह मंत्रालय के ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ के तहत CISF ने एमएमडीआर एक्ट के संशोधित प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल में अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. अभियान के दौरान CISF ने 4 से 8 जुलाई के बीच 428 मीट्रिक टन से अधिक अवैध कोयला बरामद किया है. इस दौरान 4 FIR दर्ज की गई हैं और 1 भारी डंप ट्रक और 13 से अधिक मोटर साइकिल जब्त की गई हैं जो अवैध ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल की जा रही थी.

बता दें, गृह मंत्रालय ने कोयला माफियाओं पर सीधा शिकंजा कसने के लिए CISF को खान और खनिज अधिनियम के तहत सीधे तलाशी, जब्ती और कानूनी कार्रवाई के अधिकार दिए हैं. कार्रवाई BCCL, ECL और CCL की कोयला खदानों और डिपो में की गई है. इस जीरो कोल लीकेज योजना को सफल बनाने के लिए CISF ने ह्यूमन इंटेलिजेंस के साथ-साथ ड्रोन सर्विलांस, ट्रांज़िट-रूट मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण का सहारा लिया है.

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एमएमडीआर अधिनियम की धारा 22, 23बी और 24 के तहत सीआईएसएफ को अधिकार मिलने के बाद, बल ने राष्ट्रीय खनिज संसाधनों की सुरक्षा और कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है. यह अभियान कोल इंडिया की सहायक कंपनियों, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वय से और खुफिया जानकारियों के आधार पर चलाया जा रहा है.

सीआईएसएफ ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के कोयला क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाए. इन अभियानों के परिणामस्वरूप 428.34 मीट्रिक टन अवैध रूप से खनन, भंडारित या ले जाया जा रहा कोयला बरामद किया गया. इसके साथ ही, 4 एफआईआर दर्ज की गईं, एक हाइवा ट्रक और 13 से अधिक मोटरसाइकिलें ,अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए गए. कई अपराधियों को पकड़ा गया है और एमएमडीआर एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

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इस अभियान के तहत कई संवेदनशील खनन क्षेत्रों और कोयला परिवहन मार्गों को कवर किया गया.

बीसीसीएल धनबाद – सीआईएसएफ ने कतरास, ब्लॉक-II, बसंतीमाता, कुस्तौर, सिजुआ, जियलगोरा, बरोरा, गोविंदपुर और एनटीएसटी क्षेत्रों में खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी की. सटीक सूचना, ड्रोन निगरानी और जमीनी स्तर पर जांच के जरिए बल ने 319.54 मीट्रिक टन अवैध रूप से रखा कोयला बरामद किया. इसके अलावा, कोयले से लदा एक ट्रक और अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाली कई मोटरसाइकिलें जब्त कर कानूनी कार्रवाई की गई.

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ईसीएल सीतलपुर – राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर-II ओसीपी , सोनपुर-बाजारी और कुनुस्तोरिया क्षेत्रों में सघन अभियान चलाए गए. तलाशी और जब्ती के अलावा, सीआईएसएफ ने कोयला डिपो, धर्मकांटों परिवहन दस्तावेजों और वैधानिक उत्पादन रिकॉर्ड्स की जांच की. इस कार्रवाई में 85.93 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद किया गया, गाड़ियां जब्त की गईं और घुसपैठियों को पकड़ा गया. कई चालू खदानों पर निरीक्षण के दौरान नियमों का पालन होते हुए भी पाया गया, जिससे कोयला परिवहन में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है.

सीसीएल पिपरवार ने रूटीन चेकिंग के दौरान सीआईएसएफ ने छिपाकर अवैध कोयला ले जा रहे एक हाइवा ट्रक को पकड़ा. यहां कुल 13.62 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ, जिसे वाहन के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है.

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भविष्य की रणनीति – सीआईएसएफ अवैध खनन और कोयला चोरी को पूरी तरह खत्म करने के लिए कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, उसकी सहायक कंपनियों, राज्य सरकारों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और अवैध कोयला खनन, भंडारण या परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.

First published on: Jul 09, 2026 10:57 PM

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