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Indian Army: рднрд╛рд░рддреАрдп рд╕реЗрдирд╛ рдЕрдкрдиреА рддрд╛рдХрдд рдмрдврд╝рд╛рдиреЗ рдХреА рддреИрдпрд╛рд░реА рдХрд░ рд░рд╣реА рд╣реИред рдЗрд╕рдХреЗ рд▓рд┐рдП рд╕реЗрдирд╛ рдиреЗ рдорд▓реНрдЯреАрд░реЛрд▓ рд░реЙрдХреЗрдЯ рд▓реЙрдиреНрдЪрд░ рдЦрд░реАрджрдиреЗ рдХрд╛ рдкреНрд░рдкреЛрдЬрд▓ рдХреЗрдВрджреНрд░ рд╕рд░рдХрд╛рд░ рдХреЛ рднреЗрдЬрд╛ рд╣реИ, рдЬрд┐рд╕рдХреЗ рдЕрдкреНрд░реВрд╡ рд╣реЛрддреЗ рд╣реА рд╕реЗрдирд╛ рдХреЛ рд╣рдерд┐рдпрд╛рд░ рдорд┐рд▓ рдЬрд╛рдПрдВрдЧреЗ, рдЬрд┐рдирд╕реЗ рдирдЬрд░рдмрдЦреНрддрд░рдмрдВрдж рдЧрд╛реЬреА рдпрд╛ рдЯреИрдВрдХ рд╕реЗ рднреА рджреБрд╢реНрдорди рдкрд░ рд╣рдорд▓рд╛ рдХрд┐рдпрд╛ рдЬрд╛ рд╕рдХреЗрдЧрд╛ред

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान की जंग को देखते हुए भारतीय सेना भी अपनी ताकत में इजाफा करने में जुटी है। अपनी इन्फैंट्री यूनिट्स को और ज्यादा घातक बनाने के लिए भारतीय सेना जल्द से जल्द कार्ल गुस्ताफ मार्क-4 मल्टी-रोल शोल्डर फायर्ड आर्म्स खरीदेगी। इंडियन आर्मी से न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, LOC और LAC पर 24 घंटे सेना की गश्त होती है, लेकिन अब युद्ध के बदलते माहौल को देखते हुए हल्के रॉकेट लॉन्चर को सेना में शामिल करने का प्लान है। क्योंकि अगर दुश्मन की तरफ से अटैक की संभावना बनती है तो तुरंत जवाब देने में हल्के रॉकेट लॉन्चर बहुत कारगर साबित होंगे।

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केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव

इसलिए सेना ने हल्के वजन वाले रॉकेट लॉन्चरों की 450 यूनिट खरीदने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजा है। रॉकेट लॉन्चर के साथ इनकी एक्सेसरीज, स्पेयर पार्ट्स, टेक्निकल डॉक्यूमेंट्स और सपोर्ट सिस्टम खरीदा जाएगा। मेजर जनरल एसके सिंह ने बताया कि वर्तमान के युद्ध क्षेत्र पूरी तरह से बदल चुके हैं। इसलिए भारतीय सेना भी अपनी पुरानी नीति से लेकर रणनीति तक को अपग्रडे करने में लगी है। पहाड़ी इलाकों, जंगलों, सीमावर्ती क्षेत्रों और शहरी युद्ध में हल्के लेकिन शक्तिशाली हथियारों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि कार्ल गुस्ताफ मार्क-4 सेना के लिए एक अलग रोल निभाएगी।

क्या है रॉकेट लॉन्चर की खासियतें

डिफेंस एक्सपर्ट दिनाकरन पेरी के मुताबिक, कार्ल गुस्ताफ मार्क-4 वर्ल्ड आर्मी के सबसे मॉडर्न हथियारों में से एक है और यह 84 मिलीमीटर रिकॉयलेस राइफल सिस्टम की तरह है। इसका निर्माण स्वीडन की कंपनी साब ने किया है। मार्क-4 आर्म्स को एक योद्धा बहुत ही आसानी से कंधे पर रख कर कहीं भी तुरंत पहुच सकता है। विशेष मौका पड़ने पर या वार जोन में सैनिक दुश्मन के बख्तरबंद वाहन, बंकर, इमारत, फायरिंग पोजीशन या दूसरे सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है।

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मार्क-4 की सबसे बड़ी ताकत इसका हल्का वजन और मल्टीपर्पज इस्तेमाल है। वहीं इस लॉन्चर से अलग-अलग तरीके से गोला-बारूद दागे जा सकते हैं। इसी के चलते इसे केवल एंटी-टैंक वेपन नहीं, बल्कि मल्टी-रोल वेपन सिस्टम भी माना जाता है। इस अत्याधुनिक रॉकेट लॉन्चर को सिर्फ 95 सेंटीमीटर का ही बनाया गया है। इससे आप अंदाजा लगा सकते है कि संकरी गली, पहाड़ी इलाका और घने जंगलों में भी भारतीय सैनिक बड़ी आसानी से अपने कंधे पर इसे रख कर ले जा सकते हैं।

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दुश्मन पर कैसे कर सकता है अटैक

वार जोन में आमने-सामने की लड़ाई अगर होती है तो सेना की नजर बख्तरबंद गाड़ी या टैंक पर पड़ी तो तत्काल इस लॉन्चर से हाई एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक राउंड को चलाकर दुश्मन के नुकसान पहुंचाया जा सकता। ऐसा नहीं है कि दुश्मन से टक्कर आमने-सामने ही होती है। दुश्मन ऊंची इमारत, बंकर या पहाड़ के पीछे छिपकर भी वार कर सकता है। ऐसे अटैक में इंडियन आर्मी मार्क-4 की हाई एक्सप्लोसिव ड्यूल पर्पज राउंड इस्तेमाल करके दुश्मन को आसानी से खत्म कर सकती है।

First published on: Jul 09, 2026 01:03 PM

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