Independence Day 2026: हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराते हैं. हालांकि, भारत के आजाद होने के बाद पहली बार तिरंगा लाल किले की प्राचीर से नहीं फहराया गया था. साल 1947 में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा कब, कहां और किसने फहराया था. आइये इसके बारे में जानते हैं.
कब फहराया गया था पहली बार तिरंगा?
भारत देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था. तभी से इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं. इस साल भारत को आजाद हुए 79 साल हो गए हैं. भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. पहली बार तिरंग 15 अगस्त 1947 को फहराया गया था. लेकिन उस समय तक लाल किला ब्रिटिश नियंत्रण में था. ऐसे में आजाद भारत का पहला ध्वजारोहण लाल किले पर नहीं कियाा गया था.
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कहां और किसने फहराया था तिरंगा?
पहली बार तिरंगा देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने फहराया था. उन्होंने दिल्ली में इंडिया गेट के नजदीक प्रिंसस पार्क में आधिकारिक रूप से तिरंगा फहराया था. यहां उन्होंने आजादी के दिन यानी 15 अगस्त 1947 को तिरंगा फहराया. हालांकि, इसके ठीक एक दिन बाद यानी 16 अगस्त 1947 की सुबह लाल किले पर ध्वजारोहण किया गया था. इसी दिन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले से पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपना पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण दिया था.
लाल किले पर ध्वजारोहण की परंपरा
साल 1947 से शुरू हुई लाल किले पर ध्वजारोहण की परंपरा अभी तक जारी है. तब से लेकर अब तक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देश को संबोधित करने की परंपरा चली आ रही है. आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण करेंगे और देश को संबोधित करेंगे.