देश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन-1 व 2’ का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी कल दोपहर करीब 1:30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नाम का अनावरण करेंगे। इसके बाद वह दोनों भवनों का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और शाम करीब 6 बजे आयोजित जन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
केंद्र सरकार के मुताबिक यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन प्रणाली में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रशासन को अधिक आधुनिक, कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। अब तक कई महत्वपूर्ण मंत्रालय और सरकारी कार्यालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग पुराने भवनों में संचालित हो रहे थे, जिससे समन्वय और कार्यप्रणाली में दिक्कतें आती थीं। नई इमारतों के शुरू होने से इन समस्याओं को दूर करने का दावा किया जा रहा है।
सेवा तीर्थ में होंगे अहम राष्ट्रीय कार्यालय
सेवा तीर्थ भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को स्थान दिया गया है। ये सभी कार्यालय पहले अलग-अलग स्थानों से संचालित हो रहे थे, जिन्हें अब एक ही परिसर में लाया गया है।
कर्तव्य भवन में कई बड़े मंत्रालय होंगे शिफ्ट
कर्तव्य भवन-1 और 2 में देश के कई अहम मंत्रालयों को स्थान दिया गया है। इनमें वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा जनजातीय कार्य मंत्रालय शामिल हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे भवन
दोनों भवनों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, नागरिकों के लिए पब्लिक इंटरफेस जोन और केंद्रीकृत रिसेप्शन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। सरकार का दावा है कि इससे मंत्रालयों के बीच समन्वय बेहतर होगा, प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होगा।
पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का रखा गया विशेष ध्यान
इन भवनों का निर्माण 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप किया गया है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, आधुनिक निगरानी प्रणाली और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र भी तैयार किया गया है, जिससे अधिकारियों और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुगम वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। सरकार का मानना है कि इन भवनों के शुरू होने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।