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सत्य निकेतन हादसा: बिल्डिंग के मालिक हरिराम के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की FIR, गिरफ्तारी के लिए बनाई गई कई टीमें

PG के रूप में इमारत के इस्तेमाल, उसके स्ट्रक्चर और बेसमेंट में चल रहे काम से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है. पुलिस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के आधार पर तय होगी.

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नई दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में रविवार दोपहर करीब 1:34 एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई. इमारत को एक ब्वॉयज पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी और जिस समय यह हादसा हुआ इस दौरान बिल्डिंग के अंदर कई लोग मौजूद थे. इमारत के ढहने से अब तक 4 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है. हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इमारत के कथित मालिक हरिराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

हरिराम को लेकर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस की तरफ से बताया गया कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. अब तक 10 लोगों को बचाया जा चुका है और 5 लोगों की मौत हो गई है. बचाव कार्य जारी है. साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में कथित मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ FIR नंबर 153/26 (धारा 105/290/125(a) BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह इमारत एक PG थी. आरोप है कि ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था, जिसके कारण इमारत गिर गई. आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं. आरोपियों को पकड़ने के लिए एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

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40 से 50 साल पुरानी थी इमारत

सत्य निकेतन के स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी, इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं. निचली मंजिल पर मेडिकल शॉप चलाई जा रही थी, जबकि ऊपरी हिस्से में करीब 10 कमरों को PG के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था.

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घटना के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुरानी इमारत में निर्माण या मरम्मत का काम किसकी अनुमति से कराया जा रहा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था. साथ ही PG के रूप में इमारत के इस्तेमाल, उसके स्ट्रक्चर और बेसमेंट में चल रहे काम से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है. पुलिस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच के आधार पर तय होगी.

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First published on: Sep 06, 2026 10:23 PM

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