केंद्र सरकार एथेलनॉल ब्लेंडिंग पेट्रोल के बाद CNG-PNG में बायोगैस मिलाकर नई कुकिंग गैस लेकर आएगी. इसके लिए सरकार ने एक स्कीम बनाई है, जिसके प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट में अप्रूव कर दिया है. योजना को ‘गोबरधन’ नाम दिया गया है, जिसके तहत CNG-PNG में 5 फीसदी बायोगैस की ब्लेंडिंग करने की योजना है. अगर यह गैस बन गई तो लोगों को LPG, CNG, PNG गैस का ऑप्शन मिल जाएगा. फिर लोगों को गैस सिलेंडर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे घर में खुद ही गैस बना सकेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों का खर्चा कम हो जाएगा.
23731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना
केंद्र सरकार ने हाल ही में गहराएं LPG संकट के मद्देनजर बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना बनाई है. इसके लिए ही ‘गोबरधन’ स्कीम बनाई गई है, जो करीब 23731 करोड़ रुपये की योजना है, जिसे अगले 10 साल में लागू करने का लक्ष्य है. इस स्कीम के तहत ही CNG-PNG में 5 फीसदी बायोगैस मिक्स करने का प्लान है. PM मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके बारे में जानकारी दी और बताया कि स्कीम के तहत कृषि अपशिष्ट, गोबर, जैविक कचरे और बायोमास को स्वच्छ ईंधन यानी जैविक खाद में बदला जाएगा.
स्कीम के तहत कुकिंग गैस सप्लाई करेन वाली कंपनियां बायोगैस खरीदेंगी. वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत बायोगैस CNG-PNG में मिलाई जाएगी. गोबरधन योजना का मकसद देश में बायोगैस के उत्पादन को 10 गुना बढ़ाकर एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करना है.
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