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कौन हैं कृष्णा शेषाद्री? PM मोदी ने लिया इंटरव्यू, भारतीय इतिहास को दिलचस्प बनाने के लिए बनाया खास प्लेटफॉर्म

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने फेमस रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ में मुंबई के कृष्णा शेषाद्री का इंटरव्यू लिया, उनके काम को काफी एप्रिशिएट किया. कृष्णा BharatRajya.com नाम की वेबसाइट बनाई है, जहां भारतीय इतिहास की दिलचस्प जानकारी मिलती है.

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Who Is Krishna Seshadri: पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 अगस्त 2026 को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में मुंबई के कृष्णा शेषाद्री से बातचीत की. इस दौरान पीएम मोदी ने उनके काम की तारीफ की और बताया कि किस तरह उनकी कोशिश लोगों को भारतीय इतिहास को एक नए और दिलचस्प तरीके से समझने में मदद कर सकता है. बातचीत के दौरान कृष्णा ने अपने प्रोजेक्ट के बारे में डिटेल से जानकारी दी.

इतिहास को समझने का आसान तरीका

कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कृष्णा शेषाद्री के बनाए डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इस वेबसाइट पर यूजर किसी भी साल को चुनकर यह जान सकता है कि उस समय भारत के अलग-अलग हिस्सों में किन राजवंशों या शासकों का प्रभाव था. पीएम के मुताबिक, इतिहास को इस तरह इंटरैक्टिव तरीके से पेश करने का विचार काफी दिलचस्प है. उन्होंने कृष्णा से बातचीत के दौरान उनके काम को लेकर कई सवाल भी पूछे.

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कैसे आया वेबसाइट बनाने का आइडिया?

कृष्णा शेषाद्री ने बताया कि भारतीय इतिहास को लेकर लोगों की समझ को व्यापक बनाने की जरूरत महसूस होने के बाद उन्हें इस तरह की वेबसाइट बनाने का विचार आया. उनका मानना है कि इतिहास को सिर्फ कुछ चुनिंदा साम्राज्यों और राजवंशों के संदर्भ में देखने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों के इतिहास को भी समान रूप से समझना जरूरी है. उन्होंने बताया कि स्कूल और कॉलेजों में इतिहास पढ़ते समय अक्सर कुछ खास साम्राज्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. इसके कारण कई अहम राजवंश और क्षेत्रीय इतिहास लोगों की जानकारी से दूर रह जाते हैं.

BharatRajya.com पर क्या मिलेगा?

मुंबई के कृष्णा शेषाद्री ने BharatRajya.com नाम से एक वेबसाइट तैयार की है. इसका मकसद भारतीय इतिहास को आसान, विजुअल और ज्यादा दिलचस्प तरीके से लोगों तक पहुंचाना है. वेबसाइट के जरिए यूजर अलग-अलग सालों को चुनकर ये देख सकता है कि उस दौर में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में कौन-से राज्य या राजवंश मौजूद थे. इससे इतिहास को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय समय और स्थान के आधार पर समझने का अवसर मिलता है. कृष्णा ने खास तौर से चोल, पल्लव, कश्मीर के कर्कोट वंश और असम के अहोम जैसे राजवंशों का उल्लेख किया. उनका कहना है कि भारत के इतिहास की पूरी तस्वीर समझने के लिए ऐसे कई क्षेत्रों और साम्राज्यों के योगदान को जानना भी जरूरी है.

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First published on: Aug 30, 2026 01:31 PM

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