Sonam Wangchuk On CJP Founders: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर्स के पॉलिटिकल एंबिशंस हैं, हालांकि उनका ये भी कहना है कि राजनीति में आने में कोई बुराई नहीं है. उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी बात ये है कि छात्र आंदोलन को पार्टी की राजनीति से अलग रखा जाए.
CJP फाउंडर्स के बारे में वांगचुक की राय
प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट पर बात करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सीजेपी के संस्थापकों- अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को करीब से देखा था. वांगचुक का मानना है कि इन तीनों की राजनीतिक चाहतें हैं, हालांकि उन्होंने कभी सीधे तौर पर उनसे ऐसा नहीं कहा. उन्होंने इसे अपनी निजी राय बताया और कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को हमेशा नकारात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.
वांगचुक ने ये भी बताया कि आलोचकों ने उन्हें बताया था कि दिपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे थे. हालांकि, उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि किसी राजनीतिक संगठन के साथ काम करने का पुराना एक्सपीरिएंस होना अपने आप में कोई समस्या नहीं है.
छात्र आंदोलन राजनीति से दूर
सोनम वांगचुक ने कहा कि तकरीबन 2 महीने तक चले छात्र आंदोलन में शामिल रहने के दौरान, उन्होंने बार-बार CJP संस्थापकों को सलाह दी कि वो इस आंदोलन को किसी राजनीतिक पार्टी का मंच न बनने दें. उन्होंने कहा कि उभरते युवा नेताओं की राजनीतिक इच्छाएं होना एक पॉजिटिव बात हो सकती है. हालांकि, उन्होंने उनसे गुजारिश की कि वो आंदोलन की निष्पक्षता बनाए रखें और इसे छात्रों के मुद्दों पर केंद्रित एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर इस्तेमाल करते रहें.
वांगचुक ने कहा कि लोग इस मंच को BJP, कांग्रेस या AAP से जुड़ी किसी चीज के बजाय एक छात्र आंदोलन के तौर पर देखते थे. उन्होंने खुशी जाहिर की कि आयोजकों ने पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान ये अंतर बनाए रखा. उन्होंने आगे कहा कि छात्रों और समाज को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाकर पब्लिक लाइफ की शुरुआत करना युवा नेताओं के लिए एक सकारात्मक कदम हो सकता है, भले ही वे बाद में चुनावी राजनीति में आने का फैसला करें.