उमराह के लिए मक्का जाना चाहते हैं? सऊदी अरब ने बनाए 365 दिनों वाले वीजा के नियम, जानिए पूरी डिटेल

Umrah Visa Rules: अगर आप आने वाले वक्त में उमरा करने के लिए प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको सऊदी अरब के नए वीजा नियमों की जानकारी जरूर होनी चाहिए. वहां की सरकार ने तीर्थयात्रियों को नई फैसिलिटीज दी हैं.

Saudi Arabia

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Saudi Arabia’s One Year Umrah Visa: ज्यादातर मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि वो जिंदगी में कभी न कभी उमराह करने मक्का जाए, लेकिन जर्नी प्लान करने के लिए आपको नियमों का पता होना ही चाहिए. सऊदी अरब का नया एक साल का मल्टीपल-एंट्री उमराह वीजा रूल आया है, इसके तहत तीर्थयात्रियों को इसकी वैलिडिटी के दौरान कई बार वहां आने की सुविधा देता है. हालांकि, सिर्फ वीजा होने से आप बिना एडिशनल फॉर्मेलिटी पूरी किए बार-बार उमराह नहीं कर सकते.

हर जर्नी के लिए नई बुकिंग और परमिट जरूरी

जुलाई में शुरू किया गया मल्टीपल-एंट्री वीजा जारी होने की तारीख से 365 दिनों तक वैलिड रहता है. हालांकि ये उस पीरियड के दौरान एक से ज्यादा बार आने की अनुमति देता है, लेकिन तीर्थयात्रियों को हर सफर से पहले एक नया अप्रूड सर्विस पैकेज लेना होगा.

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हज और उमराह मंत्रालय के मुताबिक, जरूरी पैकेज को नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म पर किसी लाइसेंस होल्डर उमराह सर्विस प्रोवाइडर के जरिए बुक किया जाना चाहिए. बुकिंग में प्लांड जर्नी की तारीखें शामिल होनी चाहिए और ये वीजा की वैलिडिटी पीरियड के भीतर होनी चाहिए.

तीर्थयात्रियों को ट्रैवल करने से पहले नुसुक एप्लिकेशन के जरिए एक अलग उमराह परमिट भी लेना होगा. परमिट की तारीखें अप्रूव्ड सर्विस पैकेज की अवधि से मेल खानी चाहिए. इसलिए दूसरी उमराह यात्रा के लिए सिर्फ एक वैलिड मल्टीपल-एंट्री वीजा ही काफी नहीं है.

पहली बार एप्लाई करने वाले क्या करें?

जो लोग पहली बार वीजा के लिए एप्लाई कर रहे हैं, उनके लिए प्रॉसेस नुसुक के जरिए अप्रूव्ड सर्विस पैकेज खरीदने से शुरू होती है. इसके बाद आवेदक अपने वीजा आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं और जरूरी वेरिफिकेशन और दूसरी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. उमरा करने वालों को सऊदी अरब की मौजूदा एंट्री शर्तों और सफर से जुड़े दूसरे नियमों का भी पालन करना होगा.

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वीजा की वैलिडिटी का मतलब 365 दिन रुकना नहीं है

एक और अहम बात यह है कि वीजा की 365 दिन की वैलिडिटी को रुकने की इजाजत वाले पीरियड से नहीं जोड़ना चाहिए. सभी जर्नी को मिलाकर, सऊदी अरब में तीर्थयात्री का टोटल स्टे 90 दिनों से ज्यादा नहीं हो सकता. इस अपडेट की गए प्रॉसेस का मकसद ये एनश्योर करना है कि हर जर्नी के लिए रहने और ट्रांसपोर्ट जैसे जरूरी इंतेजाम मौजूद हों. इसलिए, जो तीर्थयात्री वीजा की वैलिडिटी के दौरान कई उमराह का प्लान बना रहे हैं, उन्हें हर बार सर्विस बुकिंग और परमिट की प्रॉसेस पूरा करना चाहिए. हर जर्नी से पहले नुसुक पर नियमों को चेक करने से आपको अपनी तीर्थयात्रा के दौरान देरी या परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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