देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ केद्र सरकार की तीसरे दौर की बातचीत से पहले ही अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया. NEET-UG पेपर लीक के विरोध में देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा देने का यह फैसला लिया. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पोस्ट करके इस्तीफा देने की वजह भी बताई.
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में क्या-कुछ लिखा?
धर्मेंद्र प्रधान ने चिट्ठी में लिखा है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ा. पिछले 40 साल से ज्यादा समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हैं. मेरा मानना है कि एक मजबूत और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी देश के विकास का आधार बन सकती है. 3 मई को NEET-UG एग्जाम में गड़बड़ी की शिकायत मिली तो तुंरत एक्शन लिया. जांच CBI को सौंपी गई और एग्जाम रदद परीक्षा रद्द करके दोबारा से परीक्षा ली गई थी.
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि अगले साल 2027 से NEET एग्जाम को कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में कराने का ऐलान कर दिया था. लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया. पिछले 10 दिन में जो कुछ हुआ है, वह देखकर व्यथित हूं. यह मेरे व्यक्तिगत सम्मान का बात नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है. मैं नहीं चाहता कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे, इसलिए पद छोड़ने का निर्णय लिया.
CJP कर रही थी उनके इस्तीफे की मांग
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी. 28 जून से पार्टी प्रमुख अभिजीत दिपके अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे. इसी धरने पर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्होंने 2 दिन पहले अपना अनशन तोड़ दिया. लेकिन CJP का धरना खत्म नहीं हुआ. बीते दिन केंद्र सरकार के साथ CJP के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई और 2 शर्तों पर सहमति बनी, लेकिन पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना धरना खत्म करने को तैयार नहीं थी. सरकार ने प्रधान के इस्तीफे पर विचार करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा और आज साढ़े 3 बजे CJP के साथ वार्ता से पहले धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.
देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ केद्र सरकार की तीसरे दौर की बातचीत से पहले ही अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री मोदी को भेज दिया. NEET-UG पेपर लीक के विरोध में देशभर में जारी विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने पद से इस्तीफा देने का यह फैसला लिया. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पोस्ट करके इस्तीफा देने की वजह भी बताई.
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में क्या-कुछ लिखा?
धर्मेंद्र प्रधान ने चिट्ठी में लिखा है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ा. पिछले 40 साल से ज्यादा समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हैं. मेरा मानना है कि एक मजबूत और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी देश के विकास का आधार बन सकती है. 3 मई को NEET-UG एग्जाम में गड़बड़ी की शिकायत मिली तो तुंरत एक्शन लिया. जांच CBI को सौंपी गई और एग्जाम रदद परीक्षा रद्द करके दोबारा से परीक्षा ली गई थी.
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि अगले साल 2027 से NEET एग्जाम को कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में कराने का ऐलान कर दिया था. लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया. पिछले 10 दिन में जो कुछ हुआ है, वह देखकर व्यथित हूं. यह मेरे व्यक्तिगत सम्मान का बात नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है. मैं नहीं चाहता कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे, इसलिए पद छोड़ने का निर्णय लिया.
CJP कर रही थी उनके इस्तीफे की मांग
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी. 28 जून से पार्टी प्रमुख अभिजीत दिपके अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे. इसी धरने पर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे थे, जिन्होंने 2 दिन पहले अपना अनशन तोड़ दिया. लेकिन CJP का धरना खत्म नहीं हुआ. बीते दिन केंद्र सरकार के साथ CJP के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई और 2 शर्तों पर सहमति बनी, लेकिन पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना धरना खत्म करने को तैयार नहीं थी. सरकार ने प्रधान के इस्तीफे पर विचार करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा और आज साढ़े 3 बजे CJP के साथ वार्ता से पहले धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.