देश में इस समय हर तरफ सिर्फ केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हो रही है. उनके इस्तीफे को CJP यानी कॉक्रोच जनता पार्टी बड़े जश्न के रूप में मना रही है. वहीं, इस इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की. इस अचानक हुई बैठक के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें इस पर टिकी गई की क्या सरकार छात्रों की मांगों को मानेगी या CJP का प्रोटेस्ट चलता रहेगा? लेकिन अब साफ हो गया है कि सरकार CJP की मांगों को पूरा करेगी, जिसकी जानकारी खुद जेपी नड्डा और CJP प्रवक्ता ने दी.
यह भी पढ़ें:- धर्मेंद्र प्रधान की पढ़ाई-लिखाई कितनी है? NEET विवाद के बीच जानें किस विषय में की है मास्टर
क्या खत्म हो जाएगा अब प्रोटेस्ट?
पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ ये प्रोटेस्ट सोशल मीडिया से निकलकर जंतर-मंतर तक पहुंचा और फिर देश के अलग-अलग राज्यों में धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग शुरू हो गई. अब जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पंद से इस्तीफा दे दिया है, तो लोगों के मन सवाल उठ रहा है कि क्या अब CJP यह प्रोटेस्ट खत्म कर देगी?
सरकार ने मानी CJP की मांग, खत्म होगा प्रोटेस्ट
सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, 'हमने NEET पीड़ितों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजें की मांग की थी. सरकार इस पर सहमत हो गई है और कहा है कि नियमों और कानूनों के तहत उन परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा, हमने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांग पत्र भी रखा, जिसमें बड़े पैमाने पर शिक्षा और परीक्षा में सुधार की बात कही गई थी. हम उस मांग पत्र को लेकर लगभग चार हफ्ते बाद फिर से सरकार से मिलेंगे ताकि हम बड़े सुधारों पर मिलकर काम कर सकें. अगर सरकार इन सभी मांगों को मान लेती है, तो हम अपना आंदोलन भी वापस ले लेंगे'.
क्या वापस होंगी सभी दर्ज FIR
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'आज हमारी लंबी बातचीत हुई है. वे एक लिखित ड्राफ्ट लेकर आए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के बारे में चार बातें रखीं. इसके साथ ही, हमने दो अन्य मांगों पर भी चर्चा की; कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, मुआवजा दिया जाना चाहिए और उनके पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार किया जाना चाहिए. हम उन्हें FIR की कॉपी उपलब्ध कराएंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. दूसरी बात जो कही गई है, वह मुआवजे के संबंध में है; सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारी भी सहानुभूति है और हम सभी ने कहा है कि नियमों और विनियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा; जो भी अधिकतम संभव होगा, वह उन्हें दिया जाएगा.'
क्या थी CJP की मांगे?
CJP की इन प्रमुख मांगों में सबसे पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो अब पूरी हो चुकी है. इसके अलावा दूसरी बड़ी मांग NEET धांधली और पेपर लीक के तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना है. तीसरी मांग 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है, और चौथी सबसे महत्वपूर्ण मांग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बुनियादी सुधार व भविष्य के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना है. CJP का साफ कहना है कि जब तक सरकार इन सभी मांगों को मानकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक देशभर में यह आंदोलन और धरना जारी रहेगा. इसके अलावा CJP की यह भी मांगे हैं कि, प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज पुलिस केस/एफआईआर को रद्द करना और उनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन देना भी शामिल है.
यह भी पढ़ें:- छात्र कार्यकर्ता से केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक… ऐसा रहा धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर
देश में इस समय हर तरफ सिर्फ केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हो रही है. उनके इस्तीफे को CJP यानी कॉक्रोच जनता पार्टी बड़े जश्न के रूप में मना रही है. वहीं, इस इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की. इस अचानक हुई बैठक के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें इस पर टिकी गई की क्या सरकार छात्रों की मांगों को मानेगी या CJP का प्रोटेस्ट चलता रहेगा? लेकिन अब साफ हो गया है कि सरकार CJP की मांगों को पूरा करेगी, जिसकी जानकारी खुद जेपी नड्डा और CJP प्रवक्ता ने दी.
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क्या खत्म हो जाएगा अब प्रोटेस्ट?
पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ ये प्रोटेस्ट सोशल मीडिया से निकलकर जंतर-मंतर तक पहुंचा और फिर देश के अलग-अलग राज्यों में धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग शुरू हो गई. अब जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पंद से इस्तीफा दे दिया है, तो लोगों के मन सवाल उठ रहा है कि क्या अब CJP यह प्रोटेस्ट खत्म कर देगी?
सरकार ने मानी CJP की मांग, खत्म होगा प्रोटेस्ट
सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, ‘हमने NEET पीड़ितों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजें की मांग की थी. सरकार इस पर सहमत हो गई है और कहा है कि नियमों और कानूनों के तहत उन परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा, हमने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांग पत्र भी रखा, जिसमें बड़े पैमाने पर शिक्षा और परीक्षा में सुधार की बात कही गई थी. हम उस मांग पत्र को लेकर लगभग चार हफ्ते बाद फिर से सरकार से मिलेंगे ताकि हम बड़े सुधारों पर मिलकर काम कर सकें. अगर सरकार इन सभी मांगों को मान लेती है, तो हम अपना आंदोलन भी वापस ले लेंगे’.
क्या वापस होंगी सभी दर्ज FIR
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘आज हमारी लंबी बातचीत हुई है. वे एक लिखित ड्राफ्ट लेकर आए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के बारे में चार बातें रखीं. इसके साथ ही, हमने दो अन्य मांगों पर भी चर्चा की; कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, मुआवजा दिया जाना चाहिए और उनके पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार किया जाना चाहिए. हम उन्हें FIR की कॉपी उपलब्ध कराएंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. दूसरी बात जो कही गई है, वह मुआवजे के संबंध में है; सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारी भी सहानुभूति है और हम सभी ने कहा है कि नियमों और विनियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा; जो भी अधिकतम संभव होगा, वह उन्हें दिया जाएगा.’
क्या थी CJP की मांगे?
CJP की इन प्रमुख मांगों में सबसे पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो अब पूरी हो चुकी है. इसके अलावा दूसरी बड़ी मांग NEET धांधली और पेपर लीक के तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना है. तीसरी मांग 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है, और चौथी सबसे महत्वपूर्ण मांग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बुनियादी सुधार व भविष्य के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना है. CJP का साफ कहना है कि जब तक सरकार इन सभी मांगों को मानकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक देशभर में यह आंदोलन और धरना जारी रहेगा. इसके अलावा CJP की यह भी मांगे हैं कि, प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज पुलिस केस/एफआईआर को रद्द करना और उनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन देना भी शामिल है.
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