Rahul Gandhi Chhatra Sammelan: देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी एक बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रही है. इसका मकसद देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे धोखे के खिलाफ आवाज उठाना है. इन सम्मेलनों में परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र, युवा संगठन, शिक्षक और पेपर लीक घोटालों से पीड़ित युवा सीधे राहुल गांधी से संवाद करेंगे और अपनी परेशानियां साझा करेंगे.
राहुल गांधी खुद कमान संभालेंगे: कोटा से होगी शुरुआत
छात्रों और युवाओं की आवाज बुलंद करने के लिए राहुल गांधी खुद मैदान में उतर रहे हैं. वे देश के प्रमुख शिक्षा और कोचिंग हब वाले शहरों में छात्रों के बड़े सम्मेलनों को संबोधित करेंगे. इस महा-अभियान का शेड्यूल इस प्रकार तय किया गया है:
- 10 जुलाई: इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)
सड़क से संसद तक मचेगा घमासान
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी बयान के मुताबिक, राहुल गांधी इस आंदोलन के जरिए युवाओं की मांग को सड़क से लेकर संसद तक उठाएंगे. कांग्रेस पार्टी की मुख्य मांगें हैं कि NEET परीक्षा का विकेंद्रीकरण किया जाए, सरकारी परीक्षाओं के फॉर्म की फीस पूरी तरह खत्म हो, पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और इस नाकामी के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें.
कैंपस और कोचिंग सेंटरों में चलेगा महा अभियान
इस आंदोलन को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI, यूथ कांग्रेस और सभी स्थानीय कमेटियां मिलकर काम करेंगी. इसके तहत विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कोचिंग सेंटरों और युवा केंद्रों पर जाकर छात्रों से सीधा संपर्क किया जाएगा. सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने के साथ-साथ लाइव स्क्रीनिंग भी की जाएगी. कांग्रेस का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीति से ऊपर उठकर देश के युवाओं के भविष्य और निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली को बचाने की है, इसलिए पार्टी आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और कड़े कानून की मांग करेगी.
Rahul Gandhi Chhatra Sammelan: देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी एक बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने जा रही है. इसका मकसद देश के करोड़ों युवाओं और छात्रों के साथ हो रहे धोखे के खिलाफ आवाज उठाना है. इन सम्मेलनों में परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र, युवा संगठन, शिक्षक और पेपर लीक घोटालों से पीड़ित युवा सीधे राहुल गांधी से संवाद करेंगे और अपनी परेशानियां साझा करेंगे.
राहुल गांधी खुद कमान संभालेंगे: कोटा से होगी शुरुआत
छात्रों और युवाओं की आवाज बुलंद करने के लिए राहुल गांधी खुद मैदान में उतर रहे हैं. वे देश के प्रमुख शिक्षा और कोचिंग हब वाले शहरों में छात्रों के बड़े सम्मेलनों को संबोधित करेंगे. इस महा-अभियान का शेड्यूल इस प्रकार तय किया गया है:
- 10 जुलाई: इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)
सड़क से संसद तक मचेगा घमासान
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी बयान के मुताबिक, राहुल गांधी इस आंदोलन के जरिए युवाओं की मांग को सड़क से लेकर संसद तक उठाएंगे. कांग्रेस पार्टी की मुख्य मांगें हैं कि NEET परीक्षा का विकेंद्रीकरण किया जाए, सरकारी परीक्षाओं के फॉर्म की फीस पूरी तरह खत्म हो, पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और इस नाकामी के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें.
कैंपस और कोचिंग सेंटरों में चलेगा महा अभियान
इस आंदोलन को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI, यूथ कांग्रेस और सभी स्थानीय कमेटियां मिलकर काम करेंगी. इसके तहत विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कोचिंग सेंटरों और युवा केंद्रों पर जाकर छात्रों से सीधा संपर्क किया जाएगा. सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाने के साथ-साथ लाइव स्क्रीनिंग भी की जाएगी. कांग्रेस का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीति से ऊपर उठकर देश के युवाओं के भविष्य और निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली को बचाने की है, इसलिए पार्टी आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा और कड़े कानून की मांग करेगी.