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आंध्रप्रदेश में CM चंद्रबाबू नायडू ने वक्फ बोर्ड किया भंग, NDA सरकार ने क्यों लिया बड़ा फैसला?

Chandrababu Naidu: आंध्रप्रदेश की नायडू सरकार ने वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है। इसके पीछे कई वजहें सामने आई हैं। आइये जानते हैं एनडीए सरकार ने वक्फ बोर्ड क्यों भंग किया?

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Andhra Pradesh Waqf Board Dissolved: एक ओर मोदी सरकार संसद में वक्फ बोर्ड बिल पेश करने वाली है, तो वहीं दूसरी ओर आंध्रप्रदेश की एनडीए सरकार ने वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है। नायडू सरकार ने जगन मोहन सरकार द्वारा गठित वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है। जानकारी देते हुए सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एन मोहम्मद फारूक ने बताया इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी किए गए हैं।

बता दें कि आंध्र सरकार नया बोर्ड गठित करेगी। सरकार ने पिछली सरकार के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जारी किए गए जीओ- 47 को रद्द करते हुए जीओ 75 जारी किया है। इसे वापस लेने के पीछे कई कारण बताए हैं।

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1. सुन्नी और शिया समुदायों में स्काॅलर्स का कोई प्रतिनिधि नहीं है।
2. बोर्ड में पूर्व सांसदों को शामिल नहीं किया गया।
3. बार काउंसिल श्रेणी से जूनियर अधिवक्ताओं को नियमों की धज्जियां उड़ाकर चुना गया।
4. एस के खाजा के बोर्ड सदस्य के तौर पर चुने जाने के बाद कई शिकायतें मिली थी।
5. विभिन्न अदालती मामलों के कारण अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया था।
6. मार्च 2023 से वक्फ बोर्ड निष्क्रिय हो गया था।

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नायडू सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में किया है जब जेपीसी वक्फ बिल को लेकर देश के अलग-अलग मुस्लिम पक्षकारों से उनकी राय जान रही है। फिलहाल सरकार ने संसद में वक्फ बोर्ड को लेकर बनी जेपीसी का कार्यकाल और बढ़ा दिया है।

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First published on: Dec 01, 2024 06:47 PM

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