नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. देश-विदेश के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जमीन से लेकर आसमान तक बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड (Multi-layered security grid) तैयार किया है.
बता दें कि BRICS समिट को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में एंटी-ड्रोन सिस्टम को भी खास जगह दी गई है. राजधानी के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष तकनीकी इंतजाम किए गए हैं. किसी संदिग्ध ड्रोन को समय रहते पहचानने और उससे संभावित खतरे को रोकने की तैयारी की गई है. सुरक्षा एजेंसियां लगातार मॉक ड्रिल कर रही हैं.
VVIP मूवमेंट के लिए भी कड़ी सुरक्षा
वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही के लिए दिल्ली की सड़कों पर भी कड़े सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. बता दें कि दिल्ली की सड़कों पर करीब 5,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण और डायवर्जन लागू करने का प्लान बनाया गया है. अलग-अलग रास्तों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के साथ रूट को जरूरत के मुताबिक कुछ समय के लिए नियंत्रित किया जाएगा. यात्रियों को भीड़ और अचानक होने वाले बदलावों से बचाने के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है.
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होटलों पर भी होगी पैनी नजर
BRICS में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान जिन होटलों में रुकेंगे उनकी भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. कई प्रमुख होटल सिक्योरिटी जोन में तब्दील हो चुके हैं. होटल के आस-पास आने-जाने वाले लोगों की जांच, प्रवेश व्यवस्था और आस-पास के इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है. विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होटल से सम्मेलन स्थल तक के रास्तों पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी.
21 देशों के प्रतिनिधि हो सकते हैं शामिल
मिली जानकारी के अनुसार, BRICS समिट में 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. भारत की मेजबानी में हो रहा यह सम्मेलन कूटनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं.
BRICS सम्मेलन के लिए दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- सम्मेलन की सुरक्षा में करीब 7 हजार जवानों को तैनात किया गया है.
- यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए करीब 5,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे.
- ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए करीब 22 अहम रास्तों को चुना गया है.
- VVIP के आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखेंगी.
- भारत मंडपम के आस-पास सुरक्षा का बहुस्तरीय घेरा तैयार किया गया है.
- दिल्ली पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री, NSG, IB, SPG और अन्य एजेंसियां सुरक्षा में तैनात रहेंगी.
- संवेदनशील इलाकों की निगरानी CCTV कैमरों और आधुनिक तकनीकी सिस्टम से की जा रही है.
- भारत मंडपम और आस-पास के इलाकों में एंटी-सबोटाज जांच की जा रही है.
- VVIP काफिलों की गतिविधियों पर GPS ट्रैकिंग सिस्टम से नजर रखी जाएगी.
- दिल्ली-NCR के अलावा अन्य राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है.
- आम यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा.
- 11 सितंबर को स्कूल बंद रहेंगे, जबकि सरकारी कार्यालयों में भी अवकाश रहेगा.
इन 8 होटलों में ठहरेंगे VVIP मेहमान
ओबेराय होटल
- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति
- इथियोपिया के प्रधानमंत्री
- कजाकिस्तान के राष्ट्रपति
- ईरान के राष्ट्रपति
- थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री
लीला होटल
- अबू धाबी के क्राउन प्रिंस
- सऊदी अरब के विदेश मंत्री
- बहरीन के विदेश मंत्री
- ब्राजील के विदेश मंत्री
आईटीसी मौर्या
- रूस के राष्ट्रपति
- उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री
- बांग्लादेश के प्रधानमंत्री
ललित होटल
- दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति
- बुरुंडी के राष्ट्रपति
ताज मानसिंह
- फिलीपींस के राष्ट्रपति
- वियतनाम के प्रधानमंत्री
- क्यूबा के विदेश मंत्री
- उरुग्वे के विदेश मंत्री
- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के महानिदेशक
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक
- बोलिविया के डेलीगेट्स
ताज पैलेस
- चीन के राष्ट्रपति
- बेलारूस के राष्ट्रपति
ली मेरिडियन
- मलेशिया के प्रधानमंत्री
- नाइजीरिया के विदेश मंत्री
- युगांडा के उपराष्ट्रपति
- संयुक्त राष्ट्र के महासचिव
- एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक के अध्यक्ष
- न्यू डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष
होटल शेरेटन
भारत मंडपम के 5 किलोमीटर के दायरे में कड़ा सुरक्षा घेरा
BRICS समिट को देखते हुए नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम और उसके आस-पास सुरक्षा को और भी ज्यादा सख्त कर दिया गया है. सम्मेलन स्थल के करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र को कई सुरक्षा घेरों में बांटा गया है. बाहरी हिस्से से लेकर कार्यक्रम स्थल के अंदर तक सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखेंगी. सुरक्षा के सबसे बाहरी घेरे में दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं. इसके बाद भारत मंडपम के आस-पास और परिसर के भीतर सुरक्षा की जिम्मेदारी NSG कमांडो सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान संभालेंगे. वहीं, अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस के साथ IB, SPG और NSG सहित संबंधित एजेंसियों की अहम भूमिका रहेगी.
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एंटी-सबोटाज जांच के साथ BDDS टीमें भी रहेंगी तैनाती
BRICS समिट को लेकर भारत मंडपम और इसके आस-पास के अहम इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां विशेष जांच अभियान चलाएंगी. सम्मेलन से पहले पूरे क्षेत्र में एंटी-सबोटाज चेकिंग की जाएगी. इस दौरान संदिग्ध सामान, वाहनों और लोगों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध सामान के मिलने की स्थिति में BDDS यानी बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड की टीमों को मौके पर भेजा जाएगा. ये टीमें संदिग्ध सामान की जांच करेंगी.
इसके अलावा भारत मंडपम और VVIP के आने-जाने वाले रास्तों पर लगातार निगरानी और सुरक्षा जांच जारी रहेगी. सुरक्षा एजेंसियां VVIP मूवमेंट के दौरान आस-पास के क्षेत्रों पर भी खास नजर रखेंगी. सम्मेलन के दौरान दिल्ली की यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है. VVIP काफिलों की आवाजाही के चलते 35 से अधिक सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है.
VVIP मूवमेंट के लिए 22 जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन
VVIP काफिलों के गुजरने के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए करीब 22 प्रमुख स्थानों को डायवर्जन प्वाइंट के तौर पर तय किया गया है. इनमें डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, रामचरण अग्रवाल चौक, मीर दर्द चौक, पटेल चौक, RML अस्पताल राउंडअबाउट, धौला कुआं, मोती बाग फ्लाईओवर, मदरसा टी-प्वाइंट, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर और मंडी हाउस समेत कई अहम स्थान शामिल हैं. VVIP काफिले की आवाजाही और उस समय की ट्रैफिक स्थिति को देखते हुए इन प्वाइंट्स से वाहनों को जरूरत के अनुसार वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा.