BRICS में आ रहे शी जिनपिंग, गलवान झड़प के बाद पहला भारत दौरा; PM मोदी के साथ हो सकती है द्विपक्षीय बैठक

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है. 2020 की गलवान झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में आए तनाव के बीच यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है.

PM MODI.jpg

नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है. (@narendramodi/X)

विज्ञापन

भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. इसके बीच अब एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम की संभावना बनती दिखाई दे रही है. नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है. अगर यह मुलाकात होती है तो 2020 में हुई गलवान झड़प के बाद भारत में दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय बैठक होगी. बता दें कि अक्तूबर 2019 की भारत यात्रा के बाद शी जिनपिंग की यह पहली भारत यात्रा होगी.

भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. वहीं, शी जिनपिंग के समिट में शामिल होने की उम्मीद है. उनकी संभावित यात्रा को भारत-चीन संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में उच्चस्तरीय बातचीत का सिलसिला भी आगे बढ़ा है.

विज्ञापन

सीमा विवाद हो सकता है अहम मुद्दा

मिली जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात का सबसे अहम मुद्दा सीमा विवाद और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति बनाए रखना हो सकता है. जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे. इस झड़प में 20 भारतीय और 4 चीनी सैनिकों की मौत हुई थी. इसके बाद कई सालों तक दोनों देशों के बीच सैन्य गतिरोध बना रहा.

पिछले दो सालों में हालातों को सामान्य करने की कोशिश

हालांकि, पिछले दो सालों में हालात को सामान्य करने की कोशिश भी की गई है और कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. अक्टूबर 2024 में दोनों देशों के बीच कुछ इलाकों में पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनी थी, जिसके बाद सीमा पर तनाव कम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक और राजनयिक संपर्क भी बढ़े हैं. अगस्त 2026 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में सीमा मुद्दे पर 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता (Special Representative Talks) हुई. बातचीत में सीमा पर शांति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया.

शी की यात्रा से पहले बढ़ी बातचीत

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत तेज हो गई है. इसी सिलसिले में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने चीन का दौरा किया. इस दौरान भारत और चीन के बीच सीमा समेत कई अहम मुद्दों पर उच्चस्तरीय चर्चा हुई.

विज्ञापन

सीमा मामलों को लेकर दोनों देशों के बीच वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठक भी हुई. इसके बाद भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों ने सीमा विवाद पर बातचीत की. इन बैठकों का मकसद सीमा पर तनाव कम करने और दोनों देशों के बीच संवाद को लगातार बनाए रखना है. पिछले कुछ समय में LAC के कई इलाकों से सैनिकों की वापसी के बाद भारत-चीन संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हुआ है. हालांकि, सीमा विवाद अभी भी दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है.

विज्ञापन

अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे से तनाव

पूर्वी लद्दाख में तनाव कम होने के बावजूद अरुणाचल प्रदेश का मुद्दा भारत के लिए अहम चिंता बना हुआ है. चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है और इसे दक्षिणी तिब्बत कहता है. भारत चीन के इस दावे को पूरी तरह खारिज करता रहा है. भारत का ये साफ कहना है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है.

बता दें कि चीन 2017 से ही अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के लिए अपने नाम जारी करता रहा है. भारत ने हर बार इस कदम को खारिज करते हुए कहा है कि किसी भारतीय इलाके का नाम बदलने से उसकी वास्तविक स्थिति या भारत पर उसका अधिकार नहीं बदल सकता है. भारत ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के भारतीय नामों को लेकर बीजिंग की आपत्ति को भी इसी आधार पर खारिज किया है.

विज्ञापन

मोदी-शी की बैठक में किन मुद्दों पर होगी बात?

अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होती है तो सीमा विवाद सबसे अहम मुद्द हो सकता है. इसके अलावा LAC पर शांति बनाए रखने, व्यापार और निवेश बढ़ाने, क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है. मोदी-शी की संभावित बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों नेता 2024 में रूस के कजान में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बातचीत कर चुके हैं. इसके बाद 2025 में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ