'CJI सूर्यकांत जो चाहें करें, अब फर्क नहीं पड़ता', CJP ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर उठाए सवाल
CJP On Supreme Court: कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट पर बड़े सवाल खड़े किए हैं, उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़ी विवाद में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत पर भी निशाना साधा है.
Saurav Das Targets CJI Surya Kant: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई होनी है. सुनवाई से ठीक पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने देश की सबसे बड़ी अदालत के रोल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी के पदाधिकारी सौरभ दास ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट ने युवाओं के मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर सही तरीके से दखल नहीं दिया.
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CJP का CJI पर साधा निशाना
सौरभ दास ने सोशल मीडिया पोस्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची का नाम लेते हुए SIR प्रक्रिया को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और बिहार में SIR एक्सरसाइज को जारी रहने देने वाले जज अब चाहे कोई कदम उठाएं, लोगों पर उसका असर नहीं पड़ेगा. दास ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका की भूमिका ऐसी रही जिससे युवाओं, खासकर Gen Z के वोटिंग के हक और राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पर असर हुआ. उन्होंने ये भी दावा किया कि अहम मामलों से जुड़ी याचिकाओं पर वक्त रहते सुनवाई नहीं की गई.
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Chief Justice of India Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi, the judges that made sure the illegal SIR process goes through without any trouble in Bengal and Bihar, must quietly sit this one out.
Even if they choose to do something, they can continue doing it. No one cares.… pic.twitter.com/WaaiAvFFOI
CJP नेता ने महाराष्ट्र सरकार के गिरने, राजनीतिक दलों में टूट और दिल्ली में पैदा हुए कथित संवैधानिक संकट जैसे मुद्दों का जिक्र किया. उनका आरोप था कि इन मामलों में भी जरूरी कानूनी दखल वक्त पर नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट की बेंच चाहे जो फैसला करे, जनता के एक वर्ग के बीच अदालत की क्रेडिबिलिटी अफेक्ट हो चुकी है. दास ने ये भी कहा कि न्यायपालिका पर भरोसे का आकलन आने वाले समय में जनता और युवा करेंगे.
इस बीच सोमवार, 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली से जुड़ी 2 याचिकाओं पर सुनवाई होनी है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी मोहाना की बेंच की तरफ से किए जाने की जानकारी है. विवाद के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर सवाल उठाए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा था कि कुछ फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिए गए.
CEC के अधिकारों पर क्लेरिटी की मांग
पटना निवासी राकेश कुमार सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर पूछा है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले उन अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कानून के तहत पूरे निर्वाचन आयोग को हासिल हैं. याचिका में मांग की गई है कि अगर ऐसे अधिकारों का एकतरफा इस्तेमाल हुआ है तो इससे जुड़े फैसलों को अनधिकृत घोषित किया जाए. साथ ही आखिरी फैसला आने तक आयोग का कामकाज अन्य चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से चलाने और भविष्य की नियुक्तियों में CJI को शामिल करने वाली समिति बनाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.