बकरे की खुलेआम कुर्बानी पर बैन! बकरीद से पहले सुवेंदु सरकार का बड़ा फैसला, बंगाल में कड़े नियम जारी

Animal Slaughter Ban: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 15 साल के राज का किला ध्वस्त करने के लिए सुवेंदु अधिकारी की सरकार ताबड़तोड़ फैसले किए जा रही है। अब पशु वध और फिटनेस सर्टिफिकेट को लेकर एक फैसला किया गया है।

subhendu adhikari

सुवेंदु अधिकारी एक के बाद एक फैसले लेकर लागू किए जा रहे हैं।

बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक आदेश जारी करके पशु बलि पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब पशु वध सार्वजनिक स्लॉटर हाउस में नहीं किए जाएंगे। बल्कि पशुओं का वध अब केवल नगर पालिका की वधशाला या स्थानीय प्रशासन के द्वारा निर्दिष्ट वधशाला में ही किया जा सकेगा। फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना किसी पशु, मवेशी या भैंस के वध पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन ने करने की चेतावनी भी दी गई है।

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26 मई 2026 को मनाई जाएगी बकरीद

सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 और 2018 के कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए पशु वध पर बैन का आदेश जारी किया। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 26 मई को ईद उल-अजहा यानी बकरीद बनाई जाएगी। इस मौके पर बकरे की खुलेआम कुर्बानी दी जाती है, लेकिन बंगाल में अब ऐसा नहीं होगा। बकरीद से पहले ही पशु वध पर बैन लगा रहे हैं। अगर किसी ने आदेश का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिटनेस सर्टिफिकेट अब ऐसे जारी होगा

फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के नियम भी कड़े किए हैं। अब नई शर्तों पर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा और इसे अब नगर पालिका के अध्यक्ष या पंचायत समिति के अध्यक्ष सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ मिलका संयुक्त रूप से जारी करेंगे। दोनों अधिकारियों को सहमति से लिखित रूप में बताना होगा कि पशु वध करने के योग्य है। पशु की आयु 14 साल से ज्यादा, वृद्धावस्था, चोट, विकृति या लाइलाज बीमारी के कारण अक्षम हो तो ही पशु वध का सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

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आदेश उल्लंघन पर सजा और जुर्माना दोनों

नए आदेश के अनुसार, सार्वजनिक स्लॉटर हाउस भी प्रतिबंधित रहेंगे। पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के तहत पशु वध गंभीर अपराध होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर 6 महीने की जेल की सजा या 1000 रुपये जुर्माना या जेल-जुर्माना दोनों सजा हो सकती है। फिटनेस सर्टिफिकेट देने से मना करने पर पीड़ित 15 दिन के अंदर ही राज्य सरकार को शिकायत दे सकता है। इस तरह सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने ममता बनर्जी के राज को खत्म करने के लिए फैसलों की लाइन लगा दी है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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