भारत और बांग्लादेश सीमा को लेकर हमेशा से ही यह बात सामने आते रही है कि बांग्लादेशियों के लिए भारत एक आरामगाह बन गया है. पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ के जरिये देश के कोने-कोने में ये बड़े ही आराम से रहते आ रहे है. यहां तक कि इनका अवैध तरीके से आधार कार्ड भी बनकर तैयार हो जाता है. अब बंगाल की नई सरकार ने इंटरनेशनल सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए बीएसएफ यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को जमीन देने का फैसला लिया है, जिससे कि सुरक्षा में कहीं से भी कोई गड़बड़ी नहीं हो सके.
BSF कितने KM तक करती है पेट्रोलिंग?
बीएसएफ से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4,096.7 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी करती है. जो पश्चिम बंगाल के साथ ही यह सीमा रेखा मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय और असम तक फैली हुई है.
क्या रहेगी BSF की नई सुरक्षा रणनीति
- डिटेरेंस-फर्स्ट यानी पहले डराकर घुसपैठियों को रोकने की कोशिश रहेगी.
- टेक-फर्स्ट यानी तकनीक-आधारित रणनीति को अपनाने के लिए नया प्लान बनाया गया है.
एक साल में कितने बांग्लादेशियों को पकड़ा?
बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक, जनवरी 2025 से लेकर नवंबर 2025 तक सीमा पर 1150 से अधिक बार घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसे बीएसएफ ने विफल कर दिया. इसके अलावा 2500 से अधिक अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों को गिरफ्तार भी किया गया. साल 2014 से लेकर साल 2025 का यह आंकड़ा लोकसभा में पेश किया गया था, जिसमे बताया गया था कि 2025 में पकड़े गए घुसपैठ के 1,104 प्रयास, लगभग एक दशक में सबसे अधिक हैं, जो 2024 के 977 मामलों की तुलना में सबसे ज्यादा है.
इतना ही नहीं, बीएसएफ के साथ बांग्लादेशियों को पकड़ने में दिल्ली पुलिस ने भी अपना अहम रोल निभाया था. एक साझा अभियान चलाकर साल 2025 से लेकर मार्च 2026 तक 2,200 से ज्यादा बांग्लादेशी को पकड़ कर उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया है. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट से भी 2025 में 100 से अधिक बांग्लादेशियों को अवैध रूप से रहने के आरोप में पकड़ा गया था.
बीएसएफ ने भारत की सीमा और देश के अलग अलग राज्यों से राज्य की पुलिस ने जब अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान चलाया तो पेट मे दर्द ढाका में रह रहे बांग्लादेशी सरकार को होने लगा था. बीएसएफ के इस अभियान पर बांग्लादेश ने आपत्ति जताई थी, इसके अलावा भारत की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच 2,479 पुश-इन का मामला सामने आया.
अब किस तरह की रहेगी सीमा पर सिक्योरिटी
- बंगाल की नई सरकार ने बीएसएफ को फेंसिंग के लिए जमीन दे दी है. 600 एकड़ से अधिक जमीन 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को सौंपी जा रही है ताकि बाड़बंदी के अटके हुए कामों को तेजी से पूरा किया जा सके.
- बॉर्डर पर नदी और दलदली इलाकों में, जहां कटीले तार नहीं लगाए जा सकते, वहां सुरक्षा के लिए जहरीले सांप, बिच्छू और मगरमच्छों का इस्तेमाल किया जाएगा.
- बीएसएफ अब मानव निगरानी के बजाय स्मार्ट बॉर्डर ऑब्जर्वेशन एंड मॉनिटरिंग सिस्टम यानी AI का इस्तेमाल करेगी. जानकारी के मुताबिक यह AI सिस्टम 360-डिग्री कैमरों, ड्रोन और सेंसर के जरिए लाइव डेटा का मोनिटरिंग करेगी.
- सीमा पार से होने वाले पत्थरों के हमलों के जवाब में, जवानों को अत्याधुनिक नॉन-लेथल हथियार यानी पंप और एक्शन गन से लैस किया गया है,. ताकि घुसपैठ को रोका जा सके.
- सीमा पर तस्करी और घुसपैठ को पूरी तरह से बंद करने के लिए बीएसएफ ने सभी फॉर्मेशन में हाई अलर्ट जारी किया है. सीनियर अफसर सीमा पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि बंगाल चुनाव में अवैध घुसपैठ को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया गया था.
भारत और बांग्लादेश सीमा को लेकर हमेशा से ही यह बात सामने आते रही है कि बांग्लादेशियों के लिए भारत एक आरामगाह बन गया है. पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ के जरिये देश के कोने-कोने में ये बड़े ही आराम से रहते आ रहे है. यहां तक कि इनका अवैध तरीके से आधार कार्ड भी बनकर तैयार हो जाता है. अब बंगाल की नई सरकार ने इंटरनेशनल सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए बीएसएफ यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को जमीन देने का फैसला लिया है, जिससे कि सुरक्षा में कहीं से भी कोई गड़बड़ी नहीं हो सके.
BSF कितने KM तक करती है पेट्रोलिंग?
बीएसएफ से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4,096.7 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी करती है. जो पश्चिम बंगाल के साथ ही यह सीमा रेखा मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय और असम तक फैली हुई है.
क्या रहेगी BSF की नई सुरक्षा रणनीति
- डिटेरेंस-फर्स्ट यानी पहले डराकर घुसपैठियों को रोकने की कोशिश रहेगी.
- टेक-फर्स्ट यानी तकनीक-आधारित रणनीति को अपनाने के लिए नया प्लान बनाया गया है.
एक साल में कितने बांग्लादेशियों को पकड़ा?
बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक, जनवरी 2025 से लेकर नवंबर 2025 तक सीमा पर 1150 से अधिक बार घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसे बीएसएफ ने विफल कर दिया. इसके अलावा 2500 से अधिक अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों को गिरफ्तार भी किया गया. साल 2014 से लेकर साल 2025 का यह आंकड़ा लोकसभा में पेश किया गया था, जिसमे बताया गया था कि 2025 में पकड़े गए घुसपैठ के 1,104 प्रयास, लगभग एक दशक में सबसे अधिक हैं, जो 2024 के 977 मामलों की तुलना में सबसे ज्यादा है.
इतना ही नहीं, बीएसएफ के साथ बांग्लादेशियों को पकड़ने में दिल्ली पुलिस ने भी अपना अहम रोल निभाया था. एक साझा अभियान चलाकर साल 2025 से लेकर मार्च 2026 तक 2,200 से ज्यादा बांग्लादेशी को पकड़ कर उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया है. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट से भी 2025 में 100 से अधिक बांग्लादेशियों को अवैध रूप से रहने के आरोप में पकड़ा गया था.
बीएसएफ ने भारत की सीमा और देश के अलग अलग राज्यों से राज्य की पुलिस ने जब अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान चलाया तो पेट मे दर्द ढाका में रह रहे बांग्लादेशी सरकार को होने लगा था. बीएसएफ के इस अभियान पर बांग्लादेश ने आपत्ति जताई थी, इसके अलावा भारत की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मई 2025 से जनवरी 2026 के बीच 2,479 पुश-इन का मामला सामने आया.
अब किस तरह की रहेगी सीमा पर सिक्योरिटी
- बंगाल की नई सरकार ने बीएसएफ को फेंसिंग के लिए जमीन दे दी है. 600 एकड़ से अधिक जमीन 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को सौंपी जा रही है ताकि बाड़बंदी के अटके हुए कामों को तेजी से पूरा किया जा सके.
- बॉर्डर पर नदी और दलदली इलाकों में, जहां कटीले तार नहीं लगाए जा सकते, वहां सुरक्षा के लिए जहरीले सांप, बिच्छू और मगरमच्छों का इस्तेमाल किया जाएगा.
- बीएसएफ अब मानव निगरानी के बजाय स्मार्ट बॉर्डर ऑब्जर्वेशन एंड मॉनिटरिंग सिस्टम यानी AI का इस्तेमाल करेगी. जानकारी के मुताबिक यह AI सिस्टम 360-डिग्री कैमरों, ड्रोन और सेंसर के जरिए लाइव डेटा का मोनिटरिंग करेगी.
- सीमा पार से होने वाले पत्थरों के हमलों के जवाब में, जवानों को अत्याधुनिक नॉन-लेथल हथियार यानी पंप और एक्शन गन से लैस किया गया है,. ताकि घुसपैठ को रोका जा सके.
- सीमा पर तस्करी और घुसपैठ को पूरी तरह से बंद करने के लिए बीएसएफ ने सभी फॉर्मेशन में हाई अलर्ट जारी किया है. सीनियर अफसर सीमा पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि बंगाल चुनाव में अवैध घुसपैठ को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया गया था.