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देश

ईरान युद्ध के बीच PM मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस से की बात, होमुर्ज में जहाजों के सेफ पैसेज पर की चर्चा

प्रधानमंत्री ने सऊदी क्राउन प्रिंस को सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए उनके निरंतर सहयोग के प्रति आभार भी व्यक्त किया. मंगलवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Mar 28, 2026 19:52

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से टेलीफोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने और शिपिंग मार्गों की सुरक्षा पर गहन विचार-विमर्श किया.

शिपिंग लाइनों को खुला रखना जरूरी


एक्स पर जारी अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने सऊदी नेतृत्व के साथ क्षेत्रीय स्थिति के बदलते परिदृश्य पर चर्चा की. उन्होंने क्षेत्रीय एनर्जी ठिकानों पर हुए हमलों की भारत ने निंदा दोहराई. दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि जल में जहाजों की स्वतंत्रता बनाए रखना और शिपिंग लाइनों को खुला एवं सुरक्षित रखना बहुत आवश्यक है, खासकर वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों में इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए.

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सऊदी अरब का जताया आभार


प्रधानमंत्री ने सऊदी क्राउन प्रिंस को सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय के निरंतर सहयोग के प्रति आभार भी व्यक्त किया. मंगलवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी, जिसमें मध्य पूर्व की स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर चर्चा हुई थी. यह दोनों नेताओं के बीच 28 फरवरी को अमेरिका एवं इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले शुरू होने के बाद पहली बातचीत थी.

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यह भी पढ़ें: ईरान के खिलाफ US-इजरायल की जंग को एक महीने पूरे, युद्ध में अब तक कितने रुपये हो गए ‘स्वाहा’?

होर्मुज पर ईरान की शर्तें


अमेरिका-इजरायल का ईरान पर युद्ध ने होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग को लगभग ठप कर दिया है. ईरान ने हालांकि घोषणा की कि ‘गैर-शत्रुतापूर्ण’ जहाजों को ईरानी अधिकारियों से समन्वय कर मार्ग दिया जा सकता है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राज्य टेलीविजन पर स्पष्ट किया कि चीन, रूस, भारत, इराक एवं पाकिस्तान जैसे पांच ‘मित्र राष्ट्रों’ के टैंकरों को सुरक्षित पारित किया जाएगा, जबकि शत्रु देशों से जुड़े जहाजों पर नाकाबंदी जारी रहेगी.

First published on: Mar 28, 2026 07:37 PM

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