Jewar Airport Connectivity: दिल्ली से सटे नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल हब बनाने की योजना केंद्र सरकार की है। इसके लिए एयरपोर्ट से 5 बड़े एक्सप्रेसवे कनेक्ट किए जाएंगे। रैपिड रेल कॉरिडोर और मेट्रो नेटवर्क का जाल भी बिछाया जाएगा। यमुना अथॉरिटी जेवर एयरपोर्ट के चारों ओर 6 और 8 लेन की एक्सेस रोड बना रही है। 130 मीटर चौड़ी मास्टर रोड, सर्विस रोड, अंडरपास और फ्लाईओवर भी बना रहा है। वहीं एयरपोर्ट के आस-पास इंडस्ट्री, कमर्शियल सेक्टर और रिहायश भी होगी।
5 एक्सप्रेसवे और 2 रेल लाइनों से कनेक्टिविटी
बता दें कि यमुना प्राधिकरण की योजना यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट करने की योजना है। दिल्ली-अलीगढ़ रेलवे लाइन, दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और मेट्रो रूट से जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट करने की प्लानिंग है। जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत का सबसे बड़ा कार्गो गेटवे बनाने के लिए इसके आस-पास लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बनाने के लिए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाए जाएंगे। इन पार्क में वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, एयर कार्गो टर्मिनल और ट्रांसपोर्ट हब बनेंगे।
Someone pls take care of Akhilesh Yadav. He might get cardiac arrest due to heartburn on 28 Mar when PM .@narendramodi Ji inaugurates Jewar (Noida) International Airport.
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) March 25, 2026
Afterall, Akhilesh worked so hard to not let it happen by trying to shift it to Firozabad, then Agra.… pic.twitter.com/WIdzcPmBGb
यमुना एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचे
बता दें कि फिलहाज जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने का सबसे आसान रास्ता यमुना एक्सप्रेसवे है। यमुना एक्सप्रेसवे जेवर एयरपोर्ट के लिए एक्सेस रोड है और एयरपोर्ट की लाइफलाइन है। यह एक्सप्रेसवे ग्रेटर नोएडा और आगरा को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ता है। दिल्ली से आने वाले लोग DND फ्लाईवे या मयूर विहार के रास्ते नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे से 78 किलोमीटर की दूरी तय करके 80 से 90 मिनट में एयरपोर्ट तक पहुंचेंगे।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा से आने वाले लोग सेक्टर-18 या परी चौक से यमुना एक्सप्रेसवे होते हुए 65 किलोमीटर का सफर तक करके 45 से 60 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। गुरुग्राम से आने वाले लोग KMP एक्सप्रेसवे (वेस्टर्न पेरिफेरल) से होते हुए पलवल के रास्ते 95 से 104 किलोमीटर का सफर तय करके 100 से 120 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। DND-KMP लिंक रोड का रास्ता भी गुरुग्राम से आने वाले लोग जेवर एयरपोर्ट के लिए ले सकते हैं। गाजियाबाद और मेरठ से आने वाले लोग ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर आकर 60 से 70 किलोमीटर का सफर तय करके 70 से 80 मिनट में जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं।
5 एक्सप्रेसवे एयरपोर्ट से ऐसे कनेक्ट होंगे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 7.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे से राजस्थान और मध्य भारत जेवर एयरपोर्ट से कार्गो लॉजिस्टिक के लिए कनेक्ट होगा।
नोएडा और जेवर एयरपोर्ट को कनेक्ट करने के लिए नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को डेवलप किया जा रहा है। जेवर-बुलंदशहर लिंक रोड भी बनाई जाएगी। इसके लिए 25 किलोमीटर लंबी लिंक रोड बनाई जाएगी, जिसके जरिए गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट भी जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट होगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से गाजियाबाद, सोनीपत, पलवल और हरियाणा के कई शहर जेवर एयरपोर्ट से लिंक होंगे फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे लिंक रोड प्रस्तावित है जो हरियाणा और साउथ दिल्ली को जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट करेगा। गंगा एक्सप्रेसवे लिंक रोड भी प्रस्तावित है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों को जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट करेगा।
#WATCH: Inside footage of the newly inaugurated Noida International Airport offers a glimpse of its modern infrastructure, spacious terminals, and world-class passenger facilities.#JewarAirport #NoidaInternationalAirport #Aviation #India #UttarPradesh #Jewar pic.twitter.com/G8QFVL662R
— upuknews (@upuknews1) March 28, 2026
मेट्रो और रेल कनेक्टिविटी ऐसे मिलेगी
एक्वा लाइन को परी चौक से होते हुए नमो भारत रैपिड रेल के जरिए जेवर एयरपोर्ट तक जोड़ने का प्लान है। दिल्ली के सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल नमो भारत चलाने का प्रस्ताव है। जेवर एयरपोर्ट के पास ही लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब बनाकर मेट्रो, टैक्सी और बस कनेक्टिविटी देने की योजना है। इनके अलावा पलवल और खुर्जा के पास दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन से जेवर एयरपोर्ट को कनेक्ट करने का प्लान है। इसके लिए 28 किलोमीटर लंबी लिंक रेल लाइन बनाई जा सकती है।










