20 जुलाई को नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने एक बार फिर आवाज़ उठाई है. उन्होंने गुरुवार को आरोप लगाया कि संसद चलो मार्च के दौरान स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ने का ऑर्डर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया होगा. उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की. दीपके ने कहा कि देश का लोकतंत्र खतरे में है. उन्होंने न्यायपालिका समेत कई संस्थानों को घेरे में लिया.
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क्या बोले दीपके?
दरअसल, अभिजीत दीपके लंबे वक्त के बाद छत्रपति संभाजीनगर में मौजूद अपने घर वापस आए थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने खुलकर बात की. दीपके ने कहा कि लोकतंत्र को बचाना सिर्फ विपक्ष के लिए मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश को इसके लिए एकजुट होना पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा- ”सभी ने देखा है कि कैसे शिवसेना और NCP जैसी पार्टियों में टूट के लिए ईडी और सीबीआई का यूज़ किया गया.” दीपके ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री की कुर्सी सौंपने पर भी ऐतराज जताया. उन्होंने कहा- ”अगर देश का शिक्षा मंत्री दुष्कर्मियों की तारीफ करता है, तो इसका मतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर एक और अजीब व्यक्ति को लाया गया है. देश को क्या संदेश दिया जा रहा है? वो कुछ और नहीं कर सकते क्योंकि उनकी पार्टी गुंडों से भरी हुई है. उनके कार्यकाल में राम रहीम जैसे लोग पैरोल पर बाहर आते हैं. ये सरकार गुंडों और बलात्कारियों का समर्थन करती है.”
राहुल गांधी की बात का किया समर्थन
अभिजीत दीपके ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की उस बात का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की थी. दीपके ने कहा- उन्हें हर हाल में इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि एक और बात पर चर्चा हो रही है कि कॉकरोच जनता पार्टी को बाहर से फंडिंग मिल रही है और इसी बलबूते पर उसने आंदोलन भी चलाया. CJP चीफ ने कहा- ”अगर ये बात सच है तो ये अमित शाह की नाकामी का सबूत है कि वो किस तरह से देश से चला रहे हैं.” दीपके ने कहा- पुलिस को बीजेपी के आदेशों को ना मानकर संविधान का पालन करना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कि अगर पुलिस बीजेपी की सुनती है तो उन्हें खाकी निक्कर पहनकर बीजेपी हेडक्वार्टर के सामने खड़े होकर कहना चाहिए कि ”मैं भी चौकीदार हूं.”
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